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World Stroke Day 2017: इस वजह से होता है ब्रेन स्ट्रोक, ऐसे बचें

स्ट्रोक तब होता है, जब आपके मस्तिष्क के किसी हिस्से में खून की सप्लाई ठीक से नहीं होती. इस कारण मस्तिष्क के ऊतकों को ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते. जिस वजह से मस्तिष्क की कोशिकाएं मरनी शुरू हो जाती हैं, और हम स्ट्रोक जैसी बीमारी के शिकार हो जाते हैं.

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Representational photo
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दुनिया भर में कोरोनरी धमनी रोग के बाद मृत्यु का दूसरा सबसे आम कारण है ब्रेन स्ट्रोक, जो स्थाई विकलांगता का भी एक सबसे प्रचलित कारण बन चुका है. हर साल स्ट्रोक के सभी मामलों में 20 से 25 फीसदी मामले भारत के होते हैं.

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अनुसार स्ट्रोक अब सिर्फ वृद्धों तक सीमित नहीं रहा है. बदलते लाइफस्टाइल की वजह से अब 40 साल की उम्र से पहले ही लोग इस बीमारी के शिकार होते जा रहे हैं.

दरअसल, स्ट्रोक तब होता है, जब आपके मस्तिष्क के किसी हिस्से में खून की सप्लाई ठीक से नहीं होती. इस कारण मस्तिष्क के ऊतकों को ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते. जिस वजह से मस्तिष्क की कोशिकाएं मरनी शुरू हो जाती हैं, और हम स्ट्रोक जैसी बीमारी के शिकार हो जाते हैं.

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बता दें कि अगर समय रहते इसका इलाज शुरू ना किया जाए तो हर सेकेंड में लगभग 32,000 मस्तिष्क कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं.

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो लगभग 85 प्रतिशत स्ट्रोक इस्केमिक प्रकृति के होते हैं. उनके अनुसार देश में स्ट्रोक के लिए जिम्मेदार कुछ सामान्य कारकों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, धूम्रपान और डिसलिपिडेमिया आदि हैं. लेकिन हैरानी की बात ये है कि आज भी हमारे देश में स्ट्रोक के इलाज के लिए कोई उचित व्यवस्था मौजूद नहीं है.

एक्सपर्ट यह भी कहते हैं कि स्ट्रोक एक आपातकालीन स्थिति है. जिसका समय पर इलाज करना बेहद जरूरी होता है. क्योंकि समय पर इलाज मिलने से रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है. लेकिन आप अपनी लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करके इस बीमारी से बच सकते हैं.

स्ट्रोक से बचने के उपाय:

- वजन कम करके इस बीमारी से बचा जा सकता है.

- हर दिन लगभग 30 मिनट एक्सरसाइज जरूर करें .

- सिगरेट, पान और तंबाकू के सेवन से बचें.

- अपनी ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रखें.

- जितना हो सके तनाव से दूर रहें.

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