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स्वस्थ आहार लें, फेफड़े की गंभीर बीमारियों से बचें

अगर फेफड़े गंभीर बीमारी से खुद को बचाना है, तो सिर्फ धूम्रपान छोड़ना ही काफी नहीं है बल्कि खाने में साबुत अनाज, पॉलीअनसेचुरेटेड वसा और बादाम जैसे सूखे मेवा को शामिल करना फायदेमंद होगा. एक नई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि फेफड़े की गंभीर बीमारियों को क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजिजेज या 'सीओपीडी' कहा जाता है.

अगर फेफड़े गंभीर बीमारी से खुद को बचाना है, तो सिर्फ धूम्रपान छोड़ना ही काफी नहीं है बल्कि खाने में साबुत अनाज, पॉलीअनसेचुरेटेड वसा और बादाम जैसे सूखे मेवा को शामिल करना फायदेमंद होगा. एक नई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि फेफड़े की गंभीर बीमारियों को क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजिजेज या 'सीओपीडी' कहा जाता है.

एंफायसेमा और ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियों में फेफड़े की वायु नलियां बंद हो जाती हैं, जिसकी वजह से शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है. सीओपीडी रोकने के लिए स्वस्थ आहार लेना जरूरी है. रिसर्च के मुताबिक बताया जाता है कि दुनिया में होने वाली मौतों की तीसरी सबसे सबसे बड़ी वजह सीओपीडी है.

दरअसल सीओपीडी होने की सबसे बड़ी वजह धूम्रपान मानी जाती है, हालांकि सीओपीडी के एक तिहाई मरीजों ने कभी धूम्रपान नहीं किया, जिसका मतलब है कि इसके लिए कुछ और वजह भी जिम्मेदार हैं. शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों के आहार की गुणवत्ता यानी अल्टरनेटिव हेल्दी इटिंग इंडेक्स 2010 (एएचईआई-2010) और सीओपीडी की जांच की है.

जिसके मुताबिक यह सामने आया है कि कम गुणों वाले आहार लेने वालों के मुकाबले में स्वस्थ आहार लेने वालों में सीओपीडी का खतरा एक तिहाई कम पाया गया.

यह रिसर्च पत्रिका 'द बीएमजे' में  भी प्रकाशित हुई है.

- इनपुट IANS

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