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सेहत

बीमारी को दूर भगाता है योग, जानें किस रोग में करें कौन सा आसन

स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी है योग
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योग शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद है. योग करने से ना सिर्फ शरीर फुर्तीला रहता है बल्कि इससे कई तरह की बीमारियां भी दूर होती हैं. कोरोना वायरस जैसी भयंकर महामारी के चलते लोग इस समय सेहत को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो गए हैं. योग कई तरह की बीमारियों को भी ठीक करने में कारगर है. आइए जानते हैं इन योगासनों के बारे में.

अस्थमा की समस्या दूर करता है योग
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अस्‍थमा

अस्थमा के मरीजों के लिए योग बेहद कारगर है. योग करने से न सिर्फ आपको सांस संबंधी तकलीफों से छुटकारा मिलेगा, बल्कि आपको इंहेलर लेने की जरूरत भी नहीं पड़ती है. योग से फेफड़ों में ताजी हवा पहुंचती है और सांस से जुड़ी सारी समस्‍याएं दूर हो जाती हैं. अस्थमा के रोग में प्राणायाम और धनुरासन करना काफी फायदेमंद होता है.

 

योग से दूर होता है मोटापा
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मोटापा

योग करने से मोटापे से जुड़े कई रोगों से मुक्ति मिलती है. अगर आप नियमित तौर पर योग करते हैं तो आपका वजन जरूर कम हो जाएगा. मोटापा दूर करने के लिए वैसे तो कई आसन हैं लेकिन सबसे कारगर आसन ताड़ासन, त्रिकोणासन, पादहस्तासन और पार्श्वकोणासन हैं.

 

योग से कंट्रोल होता है ब्‍लड शुगर
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डायबिटीज


माना जाता है कि डायबिटीज ऐसी बीमारी है, जिसका कोई इलाज नहीं है. वास्‍तव में आप इंसुलिन प्रतिरोधक का इलाज नहीं कर सकते. लेकिन अपने ब्‍लड शुगर को कंट्रोल कर सकते हैं. योग की मदद से बॉडी का ब्‍लड शुगर आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है. कपालभाति प्राणायाम, धनुरासन और चक्रासन से डायबिटीज की समस्या कम होती है.

 

हाइपरटेंशन की समस्या दूर करे योग
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हाइपरटेंशन


हाईब्‍लड प्रेशर से कई बीमारियों की शुरुआत होती है. हाइपरटेंशन की बीमारी को दूर करने में योग काफी मददगार है. योग व ध्यान की मदद से हाइपरटेंशन को दूर किया जा सकता है. इसके लिए आप पश्चिमोत्ताशन, शवासन, प्राणायाम और अधो-मुखश्वनासन करें.

 

माइग्रेन की समस्या होती है दूर
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माइग्रेन


एक उम्र के बाद अकसर लोगों को माइग्रेन की समस्या होने लगती है. माइग्रेन का मुख्‍य कारण दिमाग तक ब्‍लड का पर्याप्‍त मात्रा में सर्कुलेशन न होना है. योग की मदद से दिमाग तक आसानी से ब्‍लड पहुंच जाता है. माइंड में फ्रेशनेस बनी रहती है. माइग्रेन में शीर्षासन या हेडस्‍टैंड करने से लाभ मिलता है. इसके अलावा उष्ट्रासन, बालासन और शवासन से भी लाभ मिलेगा.