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दोषी नेताओं को चुनाव लड़ने से 'अयोग्‍य' कब करार देगी सरकार? सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर पूछा सवाल

CJI एनवी रमना (NV Ramana) ने इससे पहले कहा था कि याचिका "दूरगामी प्रभाव और परिणामों" के साथ "परेशान करने वाला सवाल " उठाती है. अदालत ने कहा था कि हम सभी हितधारकों को अवसर देने के बाद, उचित तारीख पर मामले की लंबी सुनवाई करना आवश्यक समझते हैं.

Supreme Court On Convicted Leaders Supreme Court On Convicted Leaders
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई है याचिका
  • दोषी नेताओं पर पूछा केंद्र का रुख

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में आपराधिक मामलों में दोषी नेताओं को चुनाव लड़ने से अयोग्य करार देने के लिए याचिका  दायर हुई है. इस बारे में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से उसका रुख पूछा है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि कि क्या वो दोषी ठहराए जाने वाले नेताओं को चुनाव लड़ने से अयोग्य करार देने का इच्छुक है?

इस पर केंद्र के वकील ने कहा कि वे इस बारे में निर्देश लेंगे. इससे पहले पिछली सुनवाई में CJI एनवी रमना ने कहा था इस मामले में सुनवाई होगी. इसमें मांग की गई थी कि दोषी सांसदों और विधायकों, पूर्व और मौजूदा, को अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए.  महज दोषी करार देने पर ही सांसद या विधानसभाओं का चुनाव लड़ने से आजीवन प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए.  

CJI ने कहा था कि याचिका "दूरगामी प्रभाव और परिणामों" के साथ एक "परेशान करने वाला सवाल " उठाती है. अदालत ने कहा था कि हम सभी हितधारकों को अवसर देने के बाद, उचित तारीख पर मामले की लंबी सुनवाई करना आवश्यक समझते हैं.  दरअसल अभी तक दो साल से ज्यादा सजा पाने वालों को ही छह साल के लिए चुनाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है.

वहीं भ्रष्टाचार और NDPS के केसों में महज दोषी करार देना ही काफी है. CJI एन वी रमना, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ चुनाव सुधार पर बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय की याचिका पर सुनवाई कर रही है.  याचिका में मांग की गई है कि महज  किसी मामले में दोषी करार देने पर देने पर ही चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिया जाना चाहिए. 

 

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