scorecardresearch
 

शंकर मिश्रा जमानत के लिए उठाने जा रहा यह कदम, महिला पर पेशाब करने के केस में नहीं मिली है जमानत

एयर इंडिया की फ्लाइट में महिला से बदसलूकी करने के आरोपी शंकर मिश्रा को मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट से बुधवार को बड़ा झटका लगा था. कोर्ट ने उसे जमानत देने से इनकार कर दिया है. अब वह जमानत के लिए सेशंस कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा. मिश्रा के वकील का दावा है कि कोर्ट ने जमानत न देते हुए कानूनी वजह नहीं बल्कि नैतिक दलीलें दी हैं.

Advertisement
X
पिछले साल नवंबर में हुई थी घटना, 42 दिन बाद अरेस्ट हुआ था आरोपी शंकर मिश्रा (फाइल फोटो)
पिछले साल नवंबर में हुई थी घटना, 42 दिन बाद अरेस्ट हुआ था आरोपी शंकर मिश्रा (फाइल फोटो)

एयर इंडिया की फ्लाइट में महिला पर पेशाब करने के आरोपी शंकर मिश्रा को बुधवार को मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया है. अब आरोपी राहत पाने के लिए सेशंस कोर्ट में जमानत की गुहार लगाएगा.

उसके वकील मनु शर्मा का कहना कि इस मामले में कोर्ट ने उसके अधिकारों की अनदेखी की है. इस मामले में अब ऐसा कुछ नहीं बचा, जिसके लिए उसे जमानत न दी जाए. मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जमानत देने से इनकार करते हुए कोई कानूनी वजह नहीं बल्कि नैतिक दलीलें ही दी हैं.

पटियाला हाउस अदालत की मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने अपने फैसले में कहा कि करतूत अमर्यादित और नारी की गरिमा के प्रतिकूल थी. नागरिक नैतिकता के खिलाफ करतूत होने से फिलहाल उसे जमानत पर रिहा करना उचित नहीं है.

यौन उत्पीड़न का मामला नहीं बनता

मनु शर्मा ने शंकर मिश्रा का बचाव करते कोर्ट से कहा कि महिला की शिकायत को ही एफआईआर बना दिया गया. मैं शिकायत को अनदेखा नहीं कर रहा लेकिन कोई भी सरेआम अपने पैंट की जिप खोलेगा तो उसके पीछे वजह क्या होगी? सामने बैठी महिला की उम्र का भी ध्यान रखा जाना चाहिए. वो 70 साल की हैं और शंकर 34 साल. शंकर शराब पीकर बेकाबू हो गया था, लेकिन यह सब शराब के नशे में हुआ. 

Advertisement

उन्होंने कहा कि शंकर ने सरे आम विमान में पेशाब कर दी, लेकिन उसमें यौन उत्पीड़न की धारा 294 का मामला नहीं बनता. शंकर घटना के बाद भागा भी नहीं. धारा 510 जनता के बीच गलत बरताव का आरोप जमानती है. शंकर मिश्रा के वकील ने कहा- हमने माफी भी मांगी. अपने अकाउंट से पीड़िता को पैसा भी भेजा जो बाद में उन्होंने वापस कर दिया. 

आरोपी प्रभावशाली, जांच कर सकता है प्रभावित

दिल्ली पुलिस ने शंकर मिश्रा की जमानत देने का विरोध का विरोध करते हुए किया कि आरोपी प्रभावशाली है. वह केस प्रभावित कर सकता है. दिल्ली पुलिस की जांच अभी प्रारंभिक स्टेज पर हैं. वह गवाहों से सम्पर्क कर केस को प्रभावित कर सकते हैं. पुलिस ने बताया कि इस मामले में अभी 6 लोगों से पूछताछ बाकी है, इसमें क्रू मेबर और कुछ पैसेंजर शामिल हैं. दिल्ली पुलिस की ओर से पब्लिक प्रोसिक्यूटर ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली पुलिस ने शंकर मिश्रा की रिमांड से इनकार के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की है.

नशा कभी बचाव का जरिया नहीं हो सकता

शिकायतकर्ता के वकील का कहना है कि जब वह व्यक्ति होश में आया तो उसने घटना के लिए माफी मांगी और एयर इंडिया के कर्मचारियों ने मध्यस्थता करने की कोशिश की. वकील ने कहा कि वे कह रहे हैं कि हम समझौते पर राजी हो गए हैं. यह दिखाने के लिए रिकॉर्ड में कुछ भी नहीं है.

Advertisement

शिकायतकर्ता के वकील ने कहा कि इस मामले में 354 की आईपीसी की धारा लगती है. उन्होंने कहा कि कोर्ट को यह जांच करनी है कि क्या एक अपराधी को जमानत दी जा सकती है, जिसने पहले कहा कि उसने किया, इसके लिए माफी मांगी लेकिन बाद में मुकर गया. वह कह रहा है कि वह नशे में था. नशा कभी बचाव नहीं हो सकता. यह उनका मामला नहीं है कि उन्हें उनकी जानकारी के बिना शराब पिलाई गई. वकील ने आगे कहा कि शंकर मिश्रा के प्रभाव के कारण एयर इंडिया ने मामला दर्ज नहीं करने का फैसला किया और बहुत समय गंवा दिया.

Advertisement
Advertisement