दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट ने मध्यप्रदेश के विधायक राजेंद्र भारती को सहकारी बैंक से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में दोषी करार दिया है. अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी राजेंद्र भारती के खिलाफ आपराधिक साजिश के आरोप साबित हुए हैं और उन्हें भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दोषी पाया गया है.
अदालत के अनुसार, इस मामले में राजेंद्र भारती के साथ आरोपी प्रजापति, सावित्री देवी और कुछ अन्य अज्ञात लोगों ने मिलकर एक आपराधिक साजिश रची थी. कोर्ट ने कहा कि सभी आरोपियों ने मिलकर बैंक को धोखा देने की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया.
बैंक के दस्तावेजों में की गई फर्जीवाड़ा
फैसले में कहा गया कि इस साजिश का मकसद शिकायतकर्ता बैंक को नुकसान पहुंचाना था. आरोपियों ने तीन साल की फिक्स्ड डिपॉजिट अवधि 2011 के बाद भी उच्च ब्याज दर पर पैसे निकालते रहना जारी रखा. यानी तय अवधि खत्म होने के बाद भी अधिक ब्याज का लाभ लिया गया, जिससे बैंक को आर्थिक नुकसान हुआ.
अदालत ने यह भी कहा कि इस साजिश को अंजाम देने के लिए बैंक से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों में हेरफेर की गई. इन दस्तावेजों को फर्जी तरीके से तैयार किया गया, जो कि एक गंभीर अपराध है. कोर्ट के अनुसार, यह जालसाजी भी उसी साजिश का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य बैंक को ठगना था.
अन्य आरोपियों के साथ मिलकर किया गया घोटाला
कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा कि आरोपी राजेंद्र भारती और प्रजापति दोनों आपराधिक साजिश के दोषी हैं. अदालत ने माना कि दोनों ने मिलकर योजनाबद्ध तरीके से इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया और बैंक को नुकसान पहुंचाया. इस मामले में कोर्ट का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें जनप्रतिनिधि पर गंभीर आरोप साबित हुए हैं. हालांकि अभी सजा पर अंतिम फैसला आना बाकी है.