सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड विधानसभा नियुक्ति घोटाले की सीबीआई जांच पर रोक लगा दी है. झारखंड हाईकोर्ट ने नियुक्ति घोटाले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था. इसके बाद विधानसभा ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.
सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को बड़ी राहत देते हुए कहा है कि फिलहाल विधानसभा नियुक्ति घोटाले की सीबीआई जांच नहीं होगी. सर्वोच्च अदालत ने झारखंड हाईकोर्ट के सीबीआई जांच के आदेश पर रोक लगाते हुए यह फैसला लिया.
हाईकोर्ट के आदेश पर रोक
जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने राज्य सरकार की अर्जी मंजूर की. हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील निर्मल कुमार अंबस्ता ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी थी. इसके बाद राज्य विधानसभा सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई थी. अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है.
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दरअसल राज्य सरकार ने झारखंड विधानसभा नियुक्ति-प्रोन्नति घोटाले की सीबीआई जांच के आदेश के चुनौती दी थी. इस सिलसिले में राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है. नियुक्ति घोटाले की जांच के आदेश को चुनौती देनेवाली यह दूसरी याचिका है. इससे पहले विधानसभा की ओर से एक याचिका दायर कर सीबीआई जांच के आदेश को रद्द करने की मांग की गई थी.
अवैध नियुक्तियों का है मामला
यह मामला झारखंड विधानसभा में हुईं अवैध नियुक्तियों से जुड़ा है. हाईकोर्ट में इस मामले में दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि विधानसभा में नियुक्तियां नियमों का उल्लंघन करके की गई हैं. कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान प्रार्थी और विधानसभा दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं. इसके साथ ही कोर्ट ने जस्टिस विक्रमादित्य प्रसाद की एक सदस्यीय आयोग की ओर से तैयार जांच रिपोर्ट भी मांगी थी.
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आयोग की सिफारिश पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर याचिकाकर्ता शिवशंकर शर्मा ने झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की. याचिका में कहा कि जस्टिस विक्रमादित्य प्रसाद आयोग ने मामले की जांच कर वर्ष 2018 में राज्यपाल को रिपोर्ट सौंपी थी. इसके बाद राज्यपाल ने विधानसभा अध्यक्ष को कार्रवाई करने का निर्देश दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई.