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इलाहाबाद हाई कोर्ट में वर्चुअल-फिजिकल दोनों मोड में होगी सुनवाई, वकीलों के विरोध के बाद फैसला

इलाहाबाद हाई कोर्ट (HC) ने केवल वर्चुअल सुनवाई (Virtual Hearing) का फैसला वापस ले लिया है. चार जनवरी से कोर्ट में वर्चुअल के साथ फिजिकल बहस की भी छूट दी गई है. हाई कोर्ट के वकीलों के विरोध को देखते हुए चीफ़ जस्टिस ने यह आदेश वापस ले लिया है.

Court. Court.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोरोना मामलों को लेकर फिजिकल सुनवाई पर लगा दी गई थी रोक
  • 4 जनवरी से कोर्ट में वर्चुअल के साथ फिजिकल बहस भी होगी

इलाहाबाद हा ईकोर्ट (HC) ने कोर्ट में केवल वर्चुअल सुनवाई (Virtual Hearing) का फैसला वापस ले लिया है. चार जनवरी से कोर्ट में वर्चुअल के साथ फिजिकल बहस की भी छूट दी गई है. हाई कोर्ट के वकीलों के विरोध को देखते हुए चीफ़ जस्टिस ने यह आदेश वापस ले लिया है. अब यह व्यवस्था 4 जनवरी से बदल जाएगी. कोर्ट में वर्चुअल और फिजिकल दोनों मोड पर बहस हो सकेगी.

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court), दिल्ली और गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) के बाद अब इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) में भी तीन जनवरी से वर्चुअल मोड में सुनवाई का फैसला लिया गया था. हाई कोर्ट के वकीलों के विरोध के बाद यह फैसला वापस ले लिया गया है.

जजों की प्रशासनिक कमेटी ने लिया था फैसला

बता दें कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए जजों की प्रशासनिक कमेटी ने वर्चुअल मोड में सुनवाई का फैसला लिया था. इसके तहत आज तीन जनवरी से इलाहाबाद हाई कोर्ट और इसकी लखनऊ बेंच में केसों की ऑनलाइन (वर्चुअल) सुनवाई होनी थी. अब फिजिकल सुनवाई पर लगी रोक हटा दी गई है.

इससे पहले भी कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान इलाहाबाद हाई कोर्ट औऱ लखनऊ बेंच में मुकदमों की सुनवाई वर्चुअल मोड में की गई थी.

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