कर्नाटक के तुमकुरु जिले में 44 मोरों की मौत का कारण H5N1 बर्ड फ्लू वायरस पाया गया है. लैब रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि होने के बाद वन और स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है. यह घटना 16 अप्रैल को सामने आई थी, जब तुमकुरु तालुक के खेतों में संदिग्ध हालात में मोर मृत पाए गए थे. एक सप्ताह के भीतर कुल 44 मोरों की मौत हो गई. यह मौतें केसारामाडु, हीरेहली और गुलूर ग्राम पंचायतों के खेतों में की गई व्यापक जांच के दौरान सामने आईं.
वन विभाग के अनुसार, मृत मोरों के सैंपल भोपाल स्थित आईसीएआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज भेजे गए थे. वहां से आई रिपोर्ट में H5N1 बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है. हालांकि अधिकारियों ने बताया कि 23 अप्रैल के बाद से अब तक किसी नई मौत की सूचना नहीं मिली है, जो राहत की बात है.
H5N1 बर्ड फ्लू वायरस निकला कारण
न्यूज एजेंसी पीटीआई को मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) कुमार पुष्कर ने बताया कि वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग मिलकर संक्रमण को नियंत्रित करने में जुटे हैं. स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्रों के 10 किलोमीटर के दायरे में कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है.
10 किलोमीटर का कंटेनमेंट जोन घोषित
इस क्षेत्र के सभी पोल्ट्री फार्म को अलर्ट कर दिया गया है और दिशा-निर्देशों के अनुसार निगरानी की जा रही है. अधिकारियों ने यह भी बताया कि अस्पतालों को मामलों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही पीपीई किट, मास्क, दवाइयां और जांच सामग्री का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है. फिलहाल प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.