कर्नाटक के बेंगलुरु ग्रामीण जिले में राम नवमी के अवसर पर मंदिर का ‘प्रसाद’ खाने के बाद करीब 60 लोग बीमार पड़ गए. अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को देवनहल्ली तालुक के बेत्तेनहल्ली गांव के मंदिर में वितरित प्रसाद का लगभग 400 लोगों ने सेवन किया था, जिसके बाद देर रात से कई लोगों में पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण दिखाई देने लगे. बीमार लोगों को रविवार तड़के तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया.
देवनहल्ली में मौजूद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में 46 मरीजों को भर्ती कराया गया, जबकि बाकी लोगों को पास के एक निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया. बेंगलुरु ग्रामीण जिले के स्वास्थ्य अधिकारी लक्का कृष्ण रेड्डी ने बताया कि रविवार सुबह करीब 60 लोगों की तबीयत बिगड़ी थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने से सभी की हालत अब स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं. आशा टीम, आरआरटी टीम और स्वास्थ्यकर्मी निगरानी कर रहे हैं0 वे घर-घर जाकर जानकारी जुटा रहे हैं और उपचार प्रदान कर रहे हैं.
लक्का कृष्ण रेड्डी ने कहा, 'ग्रामीणों, राहगीरों और आस-पास के गांवों के लोगों ने प्रसाद खाया है. हमने चावल के प्रसाद में इस्तेमाल की गई सामग्री और खाद्य पदार्थों का सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब भेज दिया है. हमने प्रसाद पकाने में इस्तेमाल किए गए पानी को भी जांच के लिए भेजा है. रिपोर्ट एक दिन में आ जाएगी और बीमारी की असली वजह का पता लग जाएगा. प्राथमिक जांच में यह मामला फूड पॉइजनिंग का लग रहा है. हालांकि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही सटीक कारण सामने आएगा.'
बेंगलुरु ग्रामीण जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाने की सलाह दी है. प्रशासन ने कहा, 'राम नवमी आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने एक साथ प्रसाद ग्रहण किया था. फूड पॉइजनिंग की बात सामने आई है और इस तरह की घटनाएं गंभीर रूप ले सकती हैं. हम स्थिति पर नजर बनाए हुए है और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि प्रसाद ग्रहण करने वाले सभी लोग स्वस्थ रहें.'