10 अप्रैल 1849 को न्यूयॉर्क के एक मैकेनिक और स्वतंत्र आविष्कारक वाल्टर हंट ने स्प्रिंग से युक्त मेटल से बनी एक छोटी लेकिन कमल की चीज का पेटेंट कराया. उनके इस आविष्कार का नाम सेफ्टी पिन था . इस जेनरल यूटिलिटी की कमाल के उपकरण को बेचकर बाद में व्यापारियों ने खूब मुनाफा कमाया, लेकिन हंट ने इसके अधिकार मात्र 400 डॉलर में बेच दिए और इसके अलावा कभी कुछ नहीं कमाया.
29 जुलाई, 1796 को न्यूयॉर्क के मार्टिंसबर्ग में जन्मे हंट को सेफ्टी पिन बनाने का विचार तब आया जब उन पर किसी का 15 डॉलर का कर्ज था और उन्होंने कुछ ऐसा आविष्कार करने की ठान ली जिससे उन्हें कुछ पैसे मिल सकें. उन्होंने धातु के तार के एक टुकड़े को मोड़कर उसे "ड्रेस पिन" का रूप दिया, जिसके एक सिरे पर स्प्रिंग लगी थी जो दूसरे सिरे को क्लिप में कस देती थी.
हंट का आविष्कार पूरी तरह से नया नहीं था, क्योंकि प्राचीन रोमन लोग भी गहनों के लिए इसी तरह की चीज का इस्तेमाल करते थे. उनका आविष्कार उसमें एक सुधार था. सेफ्टी पिन का एक और संस्करण 1842 में आया, लेकिन उसमें स्प्रिंग नहीं थी, जैसा कि हम आज के पिनों में देखते हैं. हंट के इस आविष्कार को अमेरिकी पेटेंट संख्या 6,281 प्राप्त हुआ और इसके अनगिनत दैनिक इस्तेमाल होते हैं, जिनमें कपड़े और डायपर बांधना जैसे उपयोग शामिल हैं.
यह भी पढ़ें: आज का इतिहास जुड़ा है आइसक्रीम स्कूप से...जिसका 2 फरवरी कराया गया था पेटेंट
हंट ने जीवन में मध्यम सफलता प्राप्त की और कई आविष्कार किए, जिनमें रिपीटिंग राइफल, फ्लैक्स स्पिनर, फाउंटेन पेन, चाकू तेज करने का यंत्र, बर्फ पर चलने वाला हल और सुई से चलने वाली दुनिया की पहली सिलाई मशीन शामिल हैं. हंट की सिलाई मशीन को लेकर एक अन्य आविष्कारक, एलियास होवे के साथ पेटेंट विवाद हुआ था. हंट का निधन 8 जून, 1859 को 63 वर्ष की आयु में हुआ.