ईरान जंग के बाद भारत के कई शहरों में गैस किल्लत का असर देखने को मिल रहा है. सोशल मीडिया पर अलग अलग शहरों के वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें लोगों की एजेंसी के बाहर भीड़ नजर आ रही है. इसके अलावा सिलेंडर से जुड़े कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें फाइबर वाला सिलेंडर भी शामिल है. सोशल मीडिया पर लोग फाइबर वाले सिलेंडर की तारीफ कर रहे हैं और बता रहे हैं कि ये लोहे वाले गैस सिलेंडर से कितना फायदेमंद है. ये सिलेंडर बाजार में 10 किलो गैस के साथ मिलता है और काफी हल्का होने की वजह से कई लोग इसे पसंद कर रहे हैं. तो जानते हैं कि आखिर 10 किलो फाइबर सिलेंडर कितने का है...
कितना अलग है फाइबर वाला सिलेंडर?
दरअसल, जिसे फाइबर वाला सिलेंडर कहा जा रहा है, वो 10 किलो को आता है. इसकी सबसे खास बात ये है कि इसमें खुद का वजन काफी कम है. जैसे लोहे वाले सिलेंडर का वजन काफी ज्यादा होता है, वैसा फाइबर वाले सिलेंडर के साथ नहीं है. ये काफी हल्का और मजबूत है. लोहे वाले खाली सिलेंडर का वजन 16 किलो तक का होता है, लेकिन फाइबर वाला सिलेंडर 7 किलो के आसपास का होता है.
इसमें कुछ हिस्सा पारदर्शी भी होता है, जिससे आप ये पता कर सकते हैं कि इसमें कितनी गैस बची है. जंग ना लगने की वजह से इससे फर्श खराब नहीं होता और इजी पोर्टेबल होता है, जिस वजह से इसे काफी पसंद किया जाता है. इसे किराएदार, कामकाजी महिलाएं, स्टूडेंट पहली पसंद मान रहे हैं.
कितने रुपये का आता है?
अब जानते हैं ये लोहे वाले सिलेंडर के मुकाबले कितने रुपये का आता है. दरअसल, इसका कनेक्शन लेने के वक्त 3000 रुपये सिक्योरिटी जमा करनी होती है और फिर इसे भरवाना होता है. इसे भरवाने के लिए पहले 576 रुपये लगते थे, लेकिन कुछ दिनों पहले रेट के बाद से इजाफा हो सकता है. कई एजेंसी से जब पता किया गया तो उन्होंने बताया कि 700 रुपये के आस-पास आता है.

लेकिन, इसका डिपॉजिट लोहे वाले सिलेंडर से थोड़ा ज्यादा है. बता दें कि इसका निर्माण लोहे वाले सिलेंडर से महंगा होता है. लेकिन, फाइबर से बने होने की वजह से और हल्का होने की वजह से इसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं.