अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन दौरे पर हैं. इसी बीच उनकी एक सीक्रेट चिट्ठी चर्चा में है, जिसे उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के लिए व्हाइट हाउस में छोड़ा है. ऐसे में जानते हैं ट्रंप के सीक्रेट लेटर में क्या लिखा है.
फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस में ट्रंप के डेपुटी एसिस्टेंट सेबेस्टियन गोर्का ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ओवल ऑफिस में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के लिए एक चिट्ठी लिखकर छोड़ी है. क्योंकि, अगर किसी आपातकालीन परिस्थिति में उन्हें कभी राष्ट्रपति के रूप में उनका उत्तराधिकारी बनने की आवश्यकता पड़े तो वे उनका पालन कर सकें.
गोर्का ने 'पॉड फोर्स वन' पॉडकास्ट पर कहा कि रेसोल्यूट डेस्क की दराज में एक पत्र है जो उपराष्ट्रपति के लिए ही है. अगर ट्रंप को कुछ हो जाता है तो यह चिट्ठी उन्हें भेजी जाएगी.
ट्रंप को बार-बार मिल रही जान से मारने की धमकी
ट्रम्प को बार-बार जान से मारने की धमकियों का सामना करना पड़ा है, जिसमें कुछ सप्ताह पहले व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में उन पर हुए जानलेवा हमले की कोशिश भी शामिल है. इससे राष्ट्रपति की सुरक्षा और वामपंथी तत्वों द्वारा बढ़ती राजनीतिक हिंसा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.
गोर्का ने इस बात पर संदेह व्यक्त किया कि विदेशी देश राष्ट्रपति ट्रम्प को निशाना बनाने का प्रयास करेंगे, क्योंकि ट्रम्प बीजिंग में एक महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं. हर कोई इस व्यक्ति से सम्मान पाना चाहता है. आइजनहावर जैसे लोगों के बाद हमने इतने शक्तिशाली व्यक्ति को नहीं देखा है.
चीन दौरे से भी बढ़ गई है चिंता
गोर्का ने कहा कि यह एक ऐसे व्यक्ति हैं, जिसके साथ हर कोई मेज पर बैठना चाहता है, राजकीय भोज में शामिल होना चाहता है और उनसे सम्मान पाना चाहता है. उन्होंने चिट्ठी के बारे में कहा कि हमारे पास प्रोटोकॉल हैं, मेरा विश्वास करो. मैं उन पर चर्चा नहीं कर सकता, लेकिन हमारे पास प्रोटोकॉल हैं.
जब गोर्का के इस बयान पर टिप्पणी मांगी गई कि ऐसा कोई पत्र मौजूद है, तो व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने फॉक्स न्यूज डिजिटल को ट्रंप के हालिया साक्षात्कार का हवाला दिया.जनवरी में ट्रंप ने न्यूजनेशन को बताया था कि अगर ईरानी शासन द्वारा उन्हें खत्म कर दिया जाता है तो उनके पास बहुत ही सख्त निर्देश हैं.
क्या कहता है अमेरिकी संविधान
अमेरिकी संविधान के अनुसार, उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति पद के उत्तराधिकार क्रम में सर्वोपरि हैं. 1947 के राष्ट्रपति उत्तराधिकार अधिनियम में उपराष्ट्रपति के बाद उत्तराधिकार क्रम निर्धारित किया गया है, जो सदन के अध्यक्ष और सीनेट के कार्यवाहक अध्यक्ष से शुरू होकर पात्र कैबिनेट अधिकारियों तक जाता है.