मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी की याद में ताजमहल बनवाया था. बाद में जब बादशाह की मृत्यु हुई तो उन्हें भी यहीं दफनाया गया. जिस तरह शाहजहां का मकबरा ताजमहल में है, उसी तरह अन्य मुगल बादशाहों के लिए भी अलग-अलग मकबरे बनाए गए, लेकिन मुगल वंश के संस्थापक बाबर का मकबरा तो भारत में है ही नहीं. ऐसे में जानते हैं कि बाबर, हुमायूं और अकबर का मकबरा कहां-कहां है?
मुगल वंश के संस्थापक बाबर ने 1504 में काबुल पर विजय हासिल करने के बाद बाग-ए बाबर बनवाया था. यहीं उनका मकबरा है. बाग-ए बाबर, काबुल के पुराने शहर के दक्षिण-पश्चिम में कुह-ए शेर दरवाज़ा की ढलानों पर स्थित है. बादशाह बागवानी के शौकीन थे और उन्होंने अपनी राजधानी काबुल में कम से कम 10 उद्यानों का स्वयं डिज़ाइन किया था. राजनीतिक कारणों से, बाबर को पूरब की ओर बढ़ना पड़ा और उन्होंने 1526 में उत्तरी भारत आए, फिर यहीं के होकर रह गए. (Photo - AFP)
उनकी मृत्यु 1530 में आगरा में हुई. भारत के समतल, धूल भरे मैदानों में बिताए अपने वर्षों के दौरान उन्हें अपने वतन की याद सताती रही और इसीलिए वे काबुल में दफ़न होना चाहते थे. यही वजह है कि उनकी विधवा ने लगभग 1544 में उनके पार्थिव शरीर को बाग-ए-बाबर में दफन किया और उनका मकबरा बनवाया. मकबरे के चबूतरे के नीचे से खुदाई में मिले ईंटों के गुंबदों और पत्थर के ताबूतों वाले पुराने मकबरों के अवशेषों से पता चलता है कि यह क्षेत्र पहले से ही कब्रिस्तान के रूप में इस्तेमाल होता था. (Photo - AFP)
बाग -ए बाबर लगभग 11.5 हेक्टेयर में फैला है और पूर्व-पश्चिम दिशा में एक केंद्रीय अक्ष के अनुदिश 15 चबूतरों में व्यवस्थित है. सबसे ऊपरी चबूतरे से, आगंतुक को उद्यान और उसकी चारदीवारी के ऊपर से लेकर काबुल नदी और बर्फ से ढके पहाड़ों तक का शानदार दृश्य दिखाई देता है. मुगल वंश के संस्थापक बाबर के मकबरे के रूप में बाग-ए-बाबर एक पूजनीय स्थल और प्रतीक बन गया. इसीलिए बाबर के अन्य बागों में इसका विशेष महत्व है. (Photo - AFP)
दिल्ली स्थित हुमायूं का मकबरा भव्य शाही मकबरों में से पहला है, जो मुगल वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना माना जाता है. 1570 में निर्मित यह मकबरा सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह भारत का पहला बगीचे वाला मकबरा था. हुमायूं के मकबरे के 80 वर्ष बाद ताजमहल का निर्माण किया गया था. हुमायूं का मकबरा 27.04 हेक्टेयर के परिसर में स्थित है. हुमायूं का मकबरा 1560 के दशक में उनके बेटे महान सम्राट अकबर ने बनवाया था. फारसी और भारतीय कारीगरों ने मिलकर इस मकबरे का निर्माण किया, जो इस्लामी जगत में पहले बने किसी भी मकबरे से कहीं अधिक भव्य है. (Photo - AFP)
बाबर के पोते अकबर का मकबरा आगरा शहर के बाहरी इलाके सिकंदरा में स्थित है. इसमें मुगल सम्राट अकबर के पार्थिव अवशेष रखे गए हैं, जिन्होंने अपने जीवनकाल में ही मकबरे का निर्माण पूरा करवा लिया था और यहां एक सुंदर बगीचा भी लगवाया था. हालांकि, मकबरे का सबसे ऊपरी संगमरमर का हिस्सा उनके पुत्र जहांगीर ने बनवाया था. (Photo - Getty)
अकबर के मकबरे का आकार पिरामिडनुमा है और इसमें पांच मंजिलें हैं. मुख्य स्मारक जमीन के नीचे स्थित है, जबकि नकली स्मारक सबसे ऊपरी मंजिल पर है. पूरा मकबरा लाल बलुआ पत्थर से बना है, सिवाय सबसे ऊपरी मंजिल के जो सफेद संगमरमर से बनी है. (Photo - Getty)