हर किसी का सपना होता है कि उसका अपना एक घर हो- एक ऐसी जगह, जहां वह अपने परिवार के साथ सुकून से रह सके. लेकिन जब इस सपने को हकीकत में बदलने की बात आती है, तो सबसे बड़ा सवाल होता है खर्च का. खासकर अगर आप सिर्फ एक कमरा बनवाना चाहते हैं, तो भी सही बजट जानना बहुत जरूरी होता है. अक्सर लोग सोचते हैं कि छोटा काम है, खर्च कम होगा, लेकिन असल में गिट्टी, बालू और सीमेंट जैसी बुनियादी चीजों का सही हिसाब न हो तो बजट बिगड़ सकता है. इसलिए अगर आप पहले से इन सामग्री का अंदाजा लगा लें, तो न सिर्फ पैसे बचा सकते हैं बल्कि काम भी आसानी से पूरा कर सकते हैं.
चलिए कॉन्ट्रैक्टर सुशील कुमार से जानते हैं 1 कमरे के निर्माण में गिट्टी, बालू और सीमेंट कितना लगता है और कुल खर्च कितना आ सकता है. सुशील बताते हैं कि 1 कमरे का निर्माण करना आज के समय में कई लोगों के लिए एक जरूरी और बड़ा निवेश होता है. खासकर अगर आप अपने घर में एक अतिरिक्त कमरा बनवाना चाहते हैं या फिर छोटा सा नया मकान शुरू कर रहे हैं, तो सबसे पहला सवाल यही आता है कि आखिर खर्च कितना आएगा. इस खर्च को समझने के लिए हमें गिट्टी (स्टोन), बालू (रेत) और सीमेंट जैसी बुनियादी सामग्री का सही हिसाब जानना जरूरी है.
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि 1 कमरे का साइज क्या होगा, क्योंकि खर्च उसी पर निर्भर करता है. आमतौर पर एक सामान्य कमरा 10×10 फीट या 12×10 फीट का बनाया जाता है. हम यहां 10×10 फीट के कमरे का उदाहरण लेकर समझते हैं. इस साइज के कमरे में चार दीवारें, एक छत, फर्श और प्लास्टर शामिल होता है.
अब बात करते हैं नींव (फाउंडेशन) की. किसी भी कमरे की मजबूती उसकी नींव पर निर्भर करती है. नींव बनाने में गिट्टी, बालू और सीमेंट का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है. आमतौर पर नींव के लिए 1:4:8 का मिक्स इस्तेमाल किया जाता है, यानी 1 हिस्सा सीमेंट, 4 हिस्सा बालू और 8 हिस्सा गिट्टी. एक छोटे कमरे की नींव के लिए लगभग 10 से 15 बैग सीमेंट, 1.5 से 2 ट्रॉली बालू और 2 से 3 ट्रॉली गिट्टी की जरूरत पड़ सकती है.
इसके बाद आता है दीवारों का निर्माण. दीवारें बनाने के लिए ईंट के साथ सीमेंट और बालू का इस्तेमाल किया जाता है. यहां आमतौर पर 1:6 का मिक्स रेशियो लिया जाता है. 10×10 कमरे की दीवारों के लिए लगभग 1500 से 1800 ईंटें लगती हैं. साथ ही 8 से 10 बैग सीमेंट और 1 से 1.5 ट्रॉली बालू की जरूरत होती है. दीवार की ऊंचाई अगर ज्यादा होगी, तो खर्च भी उसी हिसाब से बढ़ेगा.
अब बात करते हैं छत (स्लैब) की, जो सबसे महंगा हिस्सा होता है. छत बनाने में RCC (रेइनफोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट) का इस्तेमाल होता है, जिसमें सीमेंट, बालू और गिट्टी के साथ सरिया (लोहे की रॉड) भी लगता है. आमतौर पर स्लैब के लिए 1:2:4 का मिक्स इस्तेमाल होता है. एक 10×10 कमरे की छत के लिए करीब 12 से 15 बैग सीमेंट, 1.5 ट्रॉली बालू और 2 ट्रॉली गिट्टी की जरूरत होती है. साथ ही 150 से 200 किलो सरिया भी लग सकता है.
फर्श (फ्लोरिंग) भी एक जरूरी हिस्सा है. अगर आप साधारण सीमेंट का फर्श बनाते हैं, तो इसमें 2 से 3 बैग सीमेंट और थोड़ी बालू लगती है. लेकिन अगर आप टाइल्स लगवाते हैं, तो खर्च थोड़ा बढ़ जाता है. टाइल्स के साथ चिपकाने के लिए अलग से सीमेंट और केमिकल का उपयोग होता है.
अब प्लास्टर की बात करें, तो दीवारों को मजबूत और सुंदर बनाने के लिए प्लास्टर किया जाता है. इसमें भी सीमेंट और बालू का उपयोग होता है. पूरे कमरे के अंदर और बाहर प्लास्टर करने के लिए लगभग 8 से 10 बैग सीमेंट और 1 से 1.5 ट्रॉली बालू की जरूरत पड़ती है. अगर हम कुल मिलाकर गिट्टी, बालू और सीमेंट का हिसाब जोड़ें, तो एक 10×10 कमरे के लिए लगभग 35 से 45 बैग सीमेंट, 4 से 6 ट्रॉली बालू और 4 से 5 ट्रॉली गिट्टी की जरूरत पड़ सकती है. यह मात्रा जगह, मिट्टी और डिजाइन के अनुसार थोड़ी कम या ज्यादा हो सकती है.
अब खर्च की बात करें, तो यह पूरी तरह आपके इलाके के रेट पर निर्भर करता है. अगर एक बैग सीमेंट की कीमत 400 रुपये मानी जाए, तो 40 बैग का खर्च करीब 16,000 रुपये होगा. बालू की एक ट्रॉली 3,000 से 5,000 रुपये तक और गिट्टी की ट्रॉली 4,000 से 6,000 रुपये तक मिलती है. इस हिसाब से सिर्फ इन तीन चीजों पर ही 40,000 से 60,000 रुपये तक खर्च आ सकता है.
इसके अलावा ईंट, सरिया, मजदूरी, दरवाजा-खिड़की, पेंट और बिजली-पानी का काम अलग से जुड़ता है. इन सबको मिलाकर एक साधारण 10×10 कमरे का कुल खर्च करीब 1.5 लाख से 3 लाख रुपये तक जा सकता है. अगर आप अच्छी क्वालिटी का काम कराते हैं या डिजाइन थोड़ा मॉडर्न रखते हैं, तो खर्च और भी बढ़ सकता है.
अंत में यही कहा जा सकता है कि 1 कमरे का खर्च तय नहीं होता, बल्कि यह आपके बजट, सामग्री की क्वालिटी और जगह के रेट पर निर्भर करता है.