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आतंकवादी से फौजी बने शहीद नजीर वानी को अशोक चक्र सम्मान

आतंकवादी से फौजी बने शहीद नजीर वानी को अशोक चक्र सम्मान

आतंकी से सेना के जवान बने लांस नायक नजीर वानी को गणतंत्र दिवस के मौके पर अशोक चक्र अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. इस सम्मान को लेने नजीर की पत्नी और माँ राजपथ पर पहुंची .राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सम्मान देकर नजीर की शहादत को नमन किया. ये पहला मौका है जब आतंक की नापाक राह से लौटे किसी जवान को देश के इतने बड़े सम्मान से नवाजा गया है. नजीर वानी ने 2004 में आत्मसमर्पण किया था. इसके कुछ वक्त बाद ही नजीर ने भारतीय सेना ज्वॉइन कर ली थी. कभी सेना के खिलाफ लड़ने वाले इस बहादुर जवान ने आतंकवादियों से लड़ते हुए नवंबर, 2018 में अपनी जान वतन के नाम कुर्बान कर दी थी.

A militant turned soldier Lance Naik Nazir Ahmad Wani was awarded the Ashoka Chakra by President Ram Nath Kovind at the Republic Day celebrations at Rajpath on Saturday. The award was received by the wife and mother of Nazir Wani. He is the first Kashmiri to be conferred the Ashoka Chakra. On November 25, Wani, hailing from Cheki Ashmuji in Kulgam district of Jammu and Kashmir, lost his life in a counter terror operation against six terrorists in Hirapur village near Batgund in Shopian. Watch this video to know more about the life of Wani.

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