भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन में किसी की जान नहीं जाती लेकिन चली गई राजबाला की जान. दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल में राजबाला ने दम तोड़ दिया. साढ़े तीन महीने तक राजबाला मौत से लड़ती रही, लेकिन हार गई. अब राजबाला की मौत के बाद भी राजनीति जारी है.