देश की राजधानी का एक जाना माना स्कूल एक लड़की एक-एक सांस के लिए छटपटाती रही और स्कूल उसके घर से गाड़ी आने का इंतज़ार करता रहा. आखिर में वह लड़की नहीं बची. लड़की का परिवार मौत के लिए स्कूल प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रहा है.