आप अस्पताल जाते हैं इस भरोसे के साथ कि आपका इलाज पढ़े लिखे एक्सपर्ट डॉक्टरों के हाथ होगा. लेकिन अगर आपका ऑपरेशन वार्डब्यॉय और चौथे श्रेणी के कर्मचारी करने लगें तो क्या होगा? जाहिर है आप इसकी कल्पना भी नहीं करना चाहेंगे, लेकिन ऐसी हकीकत दिखी बुलंद शहर के सरकारी अस्पताल में.