scorecardresearch
 

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री के मनाने पर भी नहीं माने यशपाल, बेटे संजीव के साथ थामा कांग्रेस का दामन

उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य अपने बेटे संजीव आर्य जो कि खुद नैनीताल सीट से विधायक हैं, उनके साथ कांग्रेस में शामिल हो गए. कांग्रेस ने भाजपा को बड़ा झटका देते हुए कैबिनेट मंत्री और उनके पुत्र को अपनी टीम शामिल कराने में सफलता हासिल की और चुनाव से पहले भाजपा को बड़ा झटका दिया है.

यशपाल आर्य बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. (फाइल फोटो) यशपाल आर्य बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मंत्री पद से भी दिया इस्तीफा
  • मुख्यमंत्री के मनाने पर भी नहीं माने यशपाल
  • विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को झटका

उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले दल-बदल जारी है. कभी भाजपा में कांग्रेसी शामिल हो रहे हैं तो भाजपाई कांग्रेस में. मतलब साफ है कि 2022 का चुनाव उत्तराखंड में आने वाले दिनों में अभी और उथल-पुथल मचाएगा. इसी क्रम में उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य अपने बेटे संजीव आर्य जो कि खुद नैनीताल सीट से विधायक हैं, उनके साथ कांग्रेस में शामिल हो गए. 

कांग्रेस ने भाजपा को बड़ा झटका देते हुए कैबिनेट मंत्री और उनके पुत्र को अपनी टीम शामिल कराने में सफलता हासिल की और चुनाव से पहले भाजपा को बड़ा झटका दिया है. माना जा रहा है कि कुछ और भाजपा नेता भी कांग्रेस के सम्पर्क में हैं और आने वाले दिनों में भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं और ये सभी बड़े नाम और बड़ा कद रखने वाले नेता हैं. 

यशपाल आर्य जो भाजपा सरकार में मंत्री थे वह सोमवार को अपने बेटे और नैनीताल सीट से विधायक संजीव आर्य के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए. माना जा रहा है कि इस सब के पीछे नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह का बड़ा हाथ है जो यशपाल आर्य को कांग्रेस में शामिल कराने को मना सके और अब बाकी कद्दावर नेताओं को मनाने में लगे हैं. माना ये भी जा रहा है कि प्रीतम सिंह उसमें कामयाब भी हो जाएंगे.

नैनिताल विधायक संजीव आर्य ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल को इस्तीफा भेजा है. वहीं, मंत्री के रूप में भी यशपाल आर्य ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेज दिया है. बता दें कि यशपाल आर्य बीजेपी सरकार में परिवहन समाज कल्याण आबकारी जैसे महत्वपूर्ण विभागों का जिम्मा संभाल रहे थे.

यशपाल आर्य पिछले काफी दिनों से नाराज बताए जा रहे थे.ऐसे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उन्हें मनाने उनके घर भी गए थे, लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इसमें कामयाब नहीं हो सके.  लगभग 20 दिन पहले यह बात तय हो गई थी कि 10 तारीख या उसके बाद यशपाल आर्य कांग्रेस ज्वाइन करेंगे .वहीं माना जा रहा है कि 31 अक्टूबर के बाद बीजेपी के कई विधायक जो पहले कांग्रेस में थे फिर से घरवापसी कर सकते हैं.

यशपाल पूर्व में उत्तराखंड विधानसभा के अध्यक्ष भी रहे हैं. यशपाल आर्य पहली बार 1989 में खटीमा सितारगंज सीट से विधायक बने थे. यशपाल आर्य उत्तराखंड के वरिष्ठ विधायकों में हैं और यूपी में दो बार और उत्तराखंड में चार बार विधानसभा पहुंचे हैं. यशपाल आर्य कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं. यशपाल आर्य ने कांग्रेस ज्वाइन करने के बाद कहा कि वह अपने परिवार में वापस आ गए हैं और काफी सुकून महसूस कर रहे हैं. देश को मजबूत करने के लिए कांग्रेस का मजबूत होना जरूरी है. कांग्रेस जो भी जिम्मेदारी उनको देगी उसका वो तन मन से निर्वहन करेंगें.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें