उत्तराखंड में राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी है. उत्तराखंड के 12 जिलों में तीन चरणों में मतदान होंगे. पंचायत चुनाव को लेकर शुक्रवार को जारी अधिसूचना के बाद से सूबे के 12 जिलों में आचार संहिता लागू हो गई है. अब उन सभी कार्यों पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है जो वोटर्स को लुभा सकते हैं. अब उसमें चाहे नई घोषणा हो या फिर इन 12 जिलों में ट्रांसफर पोस्टिंग.
राज्य के हरिद्वार जिले में पंचायत चुनाव नहीं होगा क्योंकि हरिद्वार जिले के त्रिस्तरीय पंचायत का कार्यकाल साल 2021 में खत्म हो रहा है. जिसकी वजह से हरिद्वार जिला छोड़कर बाकी प्रदेश के 12 जिलों में पंचायत चुनाव कराए जाएंगे. हरिद्वार जिले में कुल 306 ग्राम पंचायत, 6 क्षेत्र पंचायत और एक जिला पंचायत है. इसके अलावा उत्तराखंड प्रदेश के बाकी बचे 12 जिलों में कुल 7491 ग्राम प्रधान, 55506 ग्राम पंचायत सदस्य, 2988 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 357 जिला पंचायत सदस्य चुने जाने हैं.
12 जिलों में तीन चरणों में पंचायत चुनाव होंगे. जिसके लिए 20 सितंबर से 24 सितंबर तक तीनों चरणों के लिए नामांकन भरे जाएंगे. वहीं 25 सितंबर से 27 सितंबर तक प्रत्याशियों द्वारा भरे गए नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी. 28 सितंबर को नाम वापसी की तिथि निर्धारित की गई है. इसी दिन पहले चरण के चुनाव के उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न भी आवंटित किए जाएंगे और 5 अक्टूबर को पहले चरण का मतदान होगा.
4 अक्टूबर को दूसरे चरण के चुनाव के उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे और 11 अक्टूबर को दूसरे चरण के लिए वोट डाले जाएंगे. जबकि 9 अक्टूबर को तीसरे चरण के चुनाव के उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे जिसके बाद 16 अक्टूबर को तीसरे चरण के मतदान की तिथि घोषित की गई है.
आचार संहिता लागू
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही प्रदेश के 13 में से 12 जिलों में आचार संहिता लागू हो गई है. अब इन जिलों 12 जिलों में कोई भी नया काम शुरू नहीं हो पाएगा. कोई भी नया लाइसेंस, नया परमिट और कोई भी फंड रिलीज नहीं किया जा सकता. राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि आचार संहिता के नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा चुनाव के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी.
ऑनलाइन मिलेगी मतगणना की जानकारी
पिछले साल हुए नगर निगम चुनाव की तरह ही इस बार भी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ऑनलाइन काउंटिंग की व्यवस्था की गई है. इससे कोई भी व्यक्ति या उम्मीदवार अपने घर बैठे ही ऑनलाइन मतगणना की जानकारी ले पाएगा. इसके साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग मतगणना की सटीक जानकारी के लिए मोबाइल ऐप भी जारी कर रहा है.
प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायतों की स्थिति
1 - जिला देहरादून में 401 ग्राम प्रधान, 3333 ग्राम पंचायत सदस्य, 220 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 30 जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव होने हैं.
2-जिला उधमसिंह नगर में 376 ग्राम प्रधान, 3940 ग्राम पंचायत सदस्य, 273 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 35 जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव होने हैं.
3- जिला रुद्रप्रयाग में 336 ग्राम प्रधान, 2444 ग्राम पंचायत सदस्य, 117 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 18 जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव होने हैं.
4-जिला टिहरी गढ़वाल में 1035 ग्राम प्रधान, 7377 ग्राम पंचायत सदस्य, 351 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 45 जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव होने हैं.
5- जिला अल्मोड़ा में 1166 ग्राम प्रधान, 8286 ग्राम पंचायत सदस्य, 395 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 46 जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव होने हैं.
6-जिला चमोली में 610 ग्राम प्रधान, 4356 ग्राम पंचायत सदस्य, 246 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 26 जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव सम्पन्न होने हैं.
7-जिला नैनीताल में 479 ग्राम प्रधान, 3789 ग्राम पंचायत सदस्य, 266 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 27 जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव होने हैं.
8- जिला बागेश्वर में 407 ग्राम प्रधान, 2917 ग्राम पंचायत सदस्य, 120 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 19 जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव होने हैं.
9- जिला उत्तरकाशी में 508 ग्राम प्रधान, 3564 ग्राम पंचायत सदस्य, 204 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 25 जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव होने हैं.
10 - जिला चम्पावत में 313 ग्राम प्रधान, 2295 ग्राम पंचायत सदस्य, 134 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 15 जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव होने हैं.
11- जिला पिथौरागढ़ में 686 ग्राम प्रधान, 4956 ग्राम पंचायत सदस्य, 290 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 33 जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव होने हैं.
12- जिला पौड़ी गढ़वाल में 1174 ग्राम प्रधान, 8249 ग्राम पंचायत सदस्य, 372 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 38 जिला पंचायत सदस्यो के चुनाव होने हैं.
सभी पदों के लिए कुल 144 चिह्न तय
ग्राम पंचायत सदस्य, पद के लिए चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए कुल 18 चिह्न निर्धारित किए गए हैं. ग्राम प्रधान पद पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए आयोग ने कुल 40 चिह्नों का चयन किया है. क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर चुनाव में खड़े होने वाले प्रत्याशियों के लिए 36 चिह्न तय किए गए हैं. जिला पंचायत सदस्य पद पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए आयोग ने 40 चिह्न निर्धारित किए हैं.
उत्तराखंड में तय तिथि के अनुसार होने वाले पंचायत चुनाव एक तरह से त्रिवेन्द्र सरकार के लिए रिपोर्ट कार्ड का काम करेगा. ऐसा ही हाल लगभग कांग्रेस पार्टी का भी है. गौरतलब है कि पंचायत चुनाव एक तरह से पार्टी के पक्ष में चल रही लहर के संकेत देते हैं. इनके नतीजे ये तय करते हैं कि आने वाले वक्त में होने वाले विधानसभा चुनावों का रुख क्या होगा. ऐसे में दोनों ही बड़ी राजनीतिक पार्टी अपनी पूरी ताकत झोंकने का काम करेंगी.