उत्तराखंड हाई कोर्ट ने 2011 में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले भारतीय सेना के एक जवान के परिवार को दिए गए मुआवजे के आदेश को बरकरार रखा है. अदालत ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की अपील खारिज कर दी.
जस्टिस पंकज पुरोहित की सिंगल बेंच ने पिथौरागढ़ मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के उस आदेश को सही ठहराया, जिसमें निगम को ब्याज सहित 28.91 लाख रुपये मृतक सैनिक के परिवार को देने का निर्देश दिया गया था. अदालत ने माना कि हादसा बस चालक की लापरवाही से हुआ, जब निगम की बस ने सड़क किनारे खड़े ट्रक को टक्कर मार दी.
साल 2011 की घटना
भारतीय सेना की 5वीं गार्ड्स रेजिमेंट के नायक गणेश सिंह 7 जुलाई 2011 को उत्तर प्रदेश के बरेली से उत्तराखंड के टनकपुर जा रहे थे. इसी दौरान बस चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और बस सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई. हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए गणेश सिंह की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई.
क्या था परिवहन निगम का दावा?
परिवहन निगम ने दावा किया था कि हादसा एक साइकिल सवार को बचाने की कोशिश में हुआ और ट्रक गलत जगह खड़ा था. हालांकि अदालत ने यह दलील खारिज कर दी, क्योंकि बस चालक को गवाह के रूप में पेश नहीं किया गया और दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत भी नहीं दिया गया.