उत्तराखंड के कोटद्वार में रहने वाले जिम मालिक दीपक कुमार, जिन्हें सोशल मीडिया पर मोहम्मद दीपक के नाम से जाना जा रहा है, उन्होंने झारखंड सरकार द्वारा घोषित 2 लाख रुपये का इनाम लेने से इनकार कर दिया. दीपक ने कहा कि यह राशि किसी जरूरतमंद शख्स को दे दी जानी चाहिए.
दीपक कुमार हाल ही में उस घटना के बाद चर्चा में आए जब बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ता एक 70 वर्षीय दुकानदार वकील अहमद पर उनकी दुकान के नाम को लेकर दबाव बना रहे थे. यह घटना 28 जनवरी की है, जब पटेल मार्ग स्थित कपड़ों की दुकान बाबा के बाहर कार्यकर्ता जुटे थे.
दीपक ने इनाम लेने से किया इनकार
दीपक ने बताया कि उस दौरान वहां धक्का मुक्की हुई. इसी बीच किसी ने उनसे नाम पूछा तो उन्होंने गुस्से में कहा कि मेरा नाम मोहम्मद दीपक है. दीपक ने कहा कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि मामला इतना बढ़ जाएगा.
31 जनवरी को कुछ बजरंग दल सदस्य दुकान के बाहर फिर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए दीपक की गिरफ्तारी की मांग करने लगे. उन पर ऑनलाइन विवादित सामग्री पोस्ट करने का आरोप लगाया गया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दो केस दर्ज हुए, वहीं पुलिस ने दीपक के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की.
दीपक ने मुस्लिम बुजुर्ग दुकानदार को बचाया था
दीपक का मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में खड़ा होने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. इसके बाद वह ऑनलाइन चर्चा का विषय बन गए. कई नेताओं ने उनकी तारीफ की, जिनमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शामिल हैं. दीपक ने कहा कि उन्हें पूर्व कांग्रेस मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी और हरक सिंह रावत का समर्थन मिला, लेकिन उन्होंने साफ किया कि उनका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है.
दीपक ने बताया कि झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी द्वारा घोषित 2 लाख रुपये के इनाम की जानकारी उन्हें सोशल मीडिया से मिली. उन्होंने कहा कि यह बड़ी राशि है, लेकिन अगर मंत्री इसे किसी दिव्यांग या जरूरतमंद को दें तो यह ज्यादा सराहनीय होगा.
इनाम जरूरतमंद या किसी दिव्यांग को देने की मांग की
पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले को लेकर सतर्क है. दीपक के जिम और अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस तैनात की गई है. साथ ही यूपी के बिजनौर से सटे कौड़िया बॉर्डर पर वाहनों की सघन जांच की जा रही है ताकि माहौल खराब न हो.