लव जिहाद के बढ़ते मामलों को लेकर हुए तनाव के बाद उत्तरकाशी जिले में मुस्लिम समुदाय की दुकानें भी खुल गईं. गुरुवार को नगर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापार मंडल और पुलिस के बीच हुई अहम बैठक हुई. जिसमें यह फैसला लिया गया कि हेयर सैलून व ब्यूटी पार्लर में पुरुष कर्मचारी अब महिलाओं की हेयर कटिंग और फेशियल नहीं करेगा. मुस्लिम समेत सभी स्थानीय व्यापारियों ने इस पर सहमति जताई.
बता दें, पुरोला में 26 मई को नाबालिग लड़की को भगाने की घटना के बाद उत्तरकाशी में तनाव फैल गया था. लगभग तीन सप्ताह तक पुरोला, बड़कोट और चिन्यालीसौड़ में विरोध प्रदर्शन हुए. इस दौरान कई मुस्लिम कारोबारी अपनी दुकानें छोड़ कर चले गए थे.
तनाव के बाद खुलीं मुस्लिम समुदाय की दुकानें
ऐसी घटनाओं को रोकने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और व्यापार मंडल की बैठक अहम बैठक हुई. इस बैठक में सैलून और ब्यूटी पार्लर में पुरुष कर्मचारियों के काम करने का मुद्दा उठा था. अब कोई भी पुरुष कर्मचारी महिलाओं की हेयर कटिंग और फेशियल नहीं करेगा.
मुस्लिम कारोबारी दुकान में काम करने वालों का सत्यापन देंगे
इसके अलावा मुस्लिम कारोबारियों को दुकान में काम करने वालों का सत्यापन कराने के साथ ही प्रतिष्ठान पर सही नाम और पता लिखा बोर्ड और रेट लिस्ट लगाने के निर्देश दिए गए. साथ ही बाहरी कारोबारियों और रेहड़ी-फेरी वालों को किसी भी शख्स को अपने साथ नहीं रखने की हिदायत दी.
इस दौरान व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने थानाध्यक्ष से नगर में गश्त बढ़ाने, नशे पर लगाम लगाने, अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों की नियमित चेकिंग करने को कहा गया है. पुलिस के सामने निर्णय पर मुस्लिम और सभी स्थानीय व्यापारियों ने अपनी सहमति दी. इस फैसले की हर कोई तारीफ कर रहा है.
(रिपोर्ट- ओकार बहुगुणा)