उत्तराखंड में बागेश्वर जिले के छाती मनकोट गांव में जंगल की आग बुझाने के दौरान दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. 63 साल की देवकी देवी अपने घर से कुछ दूर पर रखे घास के ढेर को जंगल की आग से बचाने के लिए पानी लाने गई, तभी जंगल में छिपे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया और घसीट ले गया.
जानकारी मिलते ही रात के अंधेरे में ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने पूरे जंगल में घंटों खोजबीन की. बाद में महिला का शव बरामद हुआ.
ग्रामीणों के मुताबिक, जंगल की आग गांव के नजदीक पहुंच गई थी, जिससे घास के ढेर को खतरा हो गया. 63 वर्षीय देवकी देवी ने इसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन गुलदार के हमले का शिकार हो गईं. स्थानीय लोगों ने वन विभाग के साथ बहुत ढूंढा, लेकिन आखिरकार उसका शव ही मिला.
सर्च टीम में शामिल ग्रामीण दीपक खेतवाल ने बताया कि वे ग्रामीणों और वन कर्मियों के साथ जंगल में खोजबीन कर रहे थे. जंगल की आग से निपटने के बीच यह हमला हमलोगों के लिए सदमा है.
आदित्य रत्न (DFO, बागेश्वर) ने बताया कि सूचना मिलते ही उन्होंने टीम भेज दी. महिला के सिर पर चोट के निशान हैं. लाश का पोस्टमॉर्टम होने के बाद ही मौत के कारणों का पता लग पाएगा.
जंगल में आग की बढ़ती घटनाओं पर डीएफओ ने कहा कि अराजकतत्व जंगल में आग लगा रहे हैं. जॉइंट टीम बनाकर जल्द इन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.