उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में वन विभाग ने हिमालयन बार्किंग डियर के शिकार के मामले में कार्रवाई करते हुए 14 लोगों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों को उस वक्त पकड़ा गया, जब वे शिकार किए गए हिरण को पकाने की तैयारी कर रहे थे.
एजेंसी के अनुसार, यह घटना खंखरा रेंज के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र की है. आरोपियों ने गुरुवार को जंगल में जाकर हिमालयन बार्किंग डियर का शिकार किया था. इस मामले की जानकारी वन विभाग को गुप्त सूचना के जरिए मिली थी, जिसके बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छापेमारी की.
रुद्रप्रयाग के उप प्रभागीय वन अधिकारी (एसडीएफओ) देवेंद्र सिंह पुंडीर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी डुडाटोली वन क्षेत्र से सटे कोंडली-क्वाली गांव के रहने वाले हैं. वन विभाग की टीम ने खंखरा रेंज अधिकारी के नेतृत्व में छापेमारी की, जिसमें सभी 14 आरोपियों को हिरण के मांस को पकाने की तैयारी करते हुए मौके से गिरफ्तार कर लिया गया.
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वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हिमालयन बार्किंग डियर एक संरक्षित वन्यजीव प्रजाति है और इसका शिकार करना कानूनन अपराध है. इस प्रजाति को स्थानीय भाषा में 'काकर' भी कहा जाता है. यह हिरण मुख्य रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाता है और उत्तराखंड के जंगलों में 3,000 से 8,000 फीट की ऊंचाई तक इसके होने की जानकारी मिलती है.
पिछले कुछ वर्षों में वन विभाग द्वारा किए गए संरक्षण प्रयासों के कारण हिमालयन बार्किंग डियर की संख्या में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला है. कई क्षेत्रों में इसके दिखाई देने की घटनाएं भी बढ़ी हैं. ऐसे में इस तरह के शिकार की घटनाएं वन्यजीव संरक्षण के लिए चिंता का विषय मानी जा रही हैं.
वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार को रोकने के लिए जंगलों में निगरानी और गश्त को और सख्त किया जाएगा.