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उत्तराखंडः भारी बारिश में बह गई सहस्त्रधारा जाने वाली रोड, दूसरे छोर पर फंसे 4 हजार लोग

स्थानीय निवासियों का कहना है कि मुश्किल ये है कि अभी यहां कोई मेडिकल की सुविधा भी नहीं है और जल्द ही खाद्यान्न संकट भी खड़ा हो जाएगा. उनका कहना है कि ऐसे में अगर कहीं किसी को मेडिकल से संबंधित कोई परेशानी हो गई तो कैसे करेंगे?

सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई) सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राज्य के मशहूर पर्यटक स्थल सहस्त्रधारा का संपर्क टूटा
  • बारिश से बह गया मुख्य पर्यटन स्थल का एकमात्र रास्ता
  • स्थानीय लोग 2 साल से कर रहे थे सड़क बनाने की मांग

उत्तराखंड में इन दिनों जबरदस्त बारिश का तांडव देखने को मिल रहा है. बारिश के हालात इतने ज्यादा खराब हैं कि देहरादून से सहस्त्रधारा को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क बारिश की वजह से पूरी तरह से बह गई है जिसकी वजह से करीब 4 से 5 हजार के करीब की आबादी पूरी तरह से देहरादून शहर से कट गई है. 

गौरतलब है कि सहस्त्रधारा एक बहुत ही महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है और यहां निवास कर रहे सभी स्थानीय निवासी एकमात्र इसी पर्यटन स्थल की वजह से ही अपनी आजीविका चला पाते हैं. 

आजतक एकमात्र चैनल रहा जो दूसरे छोर पर पहुंचा और वहां के हालात का जायजा लिया. दूसरे छोर तक पहुंचने के लिए एक खतरनाक और अधूरे बने पुल के रास्ते जब आजतक की टीम पहुंची तो पता चला कि स्थानीय निवासियों की सरकार के प्रति कितनी नाराजगी है.

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स्थानीय निवासियों ने बताया कि पिछले 2 साल से भी ज्यादा समय से इस पुल को बनाने की बात चल रही है लेकिन विभाग की अनदेखी की वजह से अभी तक यह तैयार नहीं हो पाया और यहां पहुंचने का जो एकमात्र रास्ता था वो पूरी तरह बर्बाद हो गया. 

स्थानीय निवासियों का कहना है कि मुश्किल ये है कि अभी यहां कोई मेडिकल की सुविधा भी नहीं है और जल्द ही खाद्यान्न संकट भी खड़ा हो जाएगा. उनका कहना है कि ऐसे में अगर कहीं किसी को मेडिकल से संबंधित कोई परेशानी हो गई तो कैसे करेंगे?

मुश्किल ये भी है कि ये हालात सिर्फ 12 घंटे की बारिश से हुए हैं और डर की बात ये है कि मौसम का अलर्ट अभी 2 अगस्त तक जारी रहने वाला है. 

 

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