scorecardresearch
 

देहरादून में STF की बड़ी कार्रवाई, सुनील राठी गैंग के दो शूटर गिरफ्तार

उत्तराखंड पुलिस की STF और देहरादून पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में सुनील राठी गैंग के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि वो हरिद्वार और देहरादून के कारोबारियों से रंगदारी वसूलने की कोशिश कर रहे थे. आरोपियों के पास से दो अवैध पिस्टल और सात कारतूस बरामद हुए हैं. पुलिस ने राजपुर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

Advertisement
X
कारोबारियों से रंगदारी लेने की कर रहा था कोशिश (Representational)
कारोबारियों से रंगदारी लेने की कर रहा था कोशिश (Representational)

उत्तराखंड के देहरादून में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और देहरादून पुलिस की संयुक्त टीम ने कुख्यात सुनील राठी गैंग से जुड़े दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है. दोनों को गुरुवार देर रात राजपुर इलाके में एक कार से पकड़ा गया.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक एसटीएफ के वरिष्ठ एसपी अजय सिंह के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भानु चौधरी और परस सिंह के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के निवासी हैं. उनके कब्जे से दो अवैध पिस्टल और सात जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं.

राजपुर इलाके से STF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी हरिद्वार और देहरादून के कारोबारियों से रंगदारी वसूलने की कोशिश कर रहे थे. मोबाइल फोन की जांच में यह भी सामने आया कि परस सिंह पौड़ी जेल में बंद गैंगस्टर सुनील राठी के लगातार संपर्क में था और उसके निर्देश पर काम कर रहा था.

जांच में यह भी पता चला कि परस सिंह पहले गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी और उसके सहयोगी संजीव जीवा के गैंग से जुड़ा था. दोनों की मौत के बाद उसने प्रतिद्वंद्वी सुनील राठी गैंग जॉइन कर लिया.

Advertisement

पौड़ी जेल में बंद सुनील राठी से संपर्क के सबूत मिले

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ राजपुर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 111(3) और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत मामला दर्ज किया है.

एसएसपी ने बताया कि परस सिंह पर मुजफ्फरनगर और देहरादून में हत्या, हत्या के प्रयास, धमकी, संपत्ति धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट समेत आठ गंभीर मामले दर्ज हैं. जांच के दौरान हरिद्वार के एक विवादित प्रॉपर्टी डीलर का नाम भी सामने आया है, जो सुनील राठी के संपर्क में बताया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों के आतंक के कारण लोग शिकायत दर्ज कराने से डर रहे थे. मामले की गहन जांच जारी है.


 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement