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चार धाम यात्रा पर रार से मुश्किल में सरकार, अब अनशन पर संत समाज

चार धाम यात्रा को लेकर सरकार अब चारों तरफ से घिर गई है. विपक्ष के साथ चार धाम के कारोबारी और पर्यटन से जुड़े व्यापारी सरकार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं तो अब साधु-संतों ने भी विरोध शुरू कर दिया है.

बद्रीनाथ मंदिर (फाइल फोटो) बद्रीनाथ मंदिर (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • चारधाम यात्रा को लेकर चौतरफा घिरी सरकार
  • यात्रा के लिए आमरण अनशन पर संत मौनी बाबा

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा को लेकर रार से सरकार की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. चार धाम यात्रा बंद हुए दो साल पूरे हो गए हैं और अब प्रदेश में सभी गतिविधियां शुरू हो गई है लेकिन यात्रा शुरू करने की मंजूरी सरकार ने नहीं दी है. सरकार की आधी अधूरी तैयारी और कुंभ में फैले कोरोना की चिंता को देखते हुए कोर्ट ने यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था.

कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया था कि पहले कोरोना प्रोटोकॉल के सभी नियमों का पूर्ण पालन कराने से लेकर चार धाम की लाइव स्ट्रीमिंग तक, सभी इंतजाम दुरुस्त किए जाएं. सरकार कोर्ट को संतुष्ट करने में नाकाम रही जिसके बाद कोर्ट ने चार धाम यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था. सरकार की आधी-अधूरी तैयारी का खामियाजा पर्यटन से जुड़े लोगों को भुगतना पड़ रहा है. अब इसे लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है. पहले व्यापारियों, फिर कांग्रेस और अब संत समाज ने भी इस मसले को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

चार धाम यात्रा को लेकर सरकार अब चारों तरफ से घिर गई है. विपक्ष के साथ चार धाम के कारोबारी और पर्यटन से जुड़े व्यापारी सरकार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं तो अब साधु-संतों ने भी विरोध शुरू कर दिया है. बद्रीनाथ धाम में साधु संत सरकार के खिलाफ पिछले 14 दिन से अनशन पर हैं और मंदिर दर्शन की मांग कर रहें हैं. सरकार की मुश्किल ये है कि मामला अभी हाईकोर्ट में लंबित है. चार धाम यात्रा को लेकर लंबित मामले पर हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 16 सितंबर को होनी है. 16 सितंबर को कोर्ट का क्या रुख रहता है, सरकार के साथ ही सभी की निगाहें इसी पर हैं. 

कांग्रेस को बैठे-बिठाए मिल गया मुद्दा

चार धाम यात्रा शुरू कराने में सरकार की विफलता ने कांग्रेस को बैठे-बिठाए एक मुद्दा दे दिया है. कांग्रेस सरकार पर हमलावर है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बद्रीनाथ कूच किया था जिन्हें चमोली पुलिस ने रोक लिया था वहीं पार्टी ने विधानसभा के बाहर भी इसे लेकर धरना दिया. कांग्रेस का कहना है कि जब देश के सभी मंदिर खुले हैं तो हमारे चारों धाम के मंदिर ही क्यों बंद हैं. कांग्रेस के गणेश गोदियाल का आरोप है कि सरकार कोर्ट में सही तरीके से अपना पक्ष नहीं रख रही है. अगर सरकार ये काम नहीं कर पा रही है तो कांग्रेस को कोर्ट में खड़ा करे. हम मजबूती से पक्ष रखेंगे.

संत भी यात्रा शुरू करने की मांग पर अड़े

विपक्ष के साथ अब साधु-संत भी यात्रा शुरू करने की मांग पर अड़े हैं. पिछले 15 दिन से बद्रीनाथ धाम में साधु-संत भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. पिछले 15 दिन से मौनी बाबा चार धाम यात्रा शुरू करवाने और भगवान बद्री विशाल के दर्शन की व्यवस्था शुरू कराने के लिए बद्रीनाथ धाम में चल रहे आंदोलन के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं.

AAP नेता ने बीजेपी-कांग्रेस पर उठाए सवाल

आम आदमी पार्टी (एएपी) के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार कर्नल अजय कोठियाल ने कांग्रेस और भाजपा, दोनों पर ही सवाल खड़े किए और कहा कि हम इनके जैसी राजनीति नहीं करते. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब तक चुप रही और जब यात्रा के लिए केवल एक माह का ही समय बचा तो अब राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को उठाया. कर्नल कोठियाल ने कहा कि अगर अब भी यात्रा शुरू नहीं हुई तो लोगों में भारी निराशा घर कर जाएगी. हरिद्वार के व्यापारी भी चार धाम यात्रा शुरू करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं.

सरकार के प्रवक्ता ने कांग्रेस पर बोला हमला

चौतरफा दबाव और विपक्ष की ओर से लगातार हमलों के बाद अब सरकार के बचाव में शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल सामने आए हैं. उनियाल ने कांग्रेस को आड़े-हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस बौखलाई हुई है और अपनी समझ खो चुकी है जो मामला पहले से कोर्ट में चल रहा है, उसे लेकर लोगों को भ्रमित करने का काम कर रही है. सरकार पूरी तरह से यात्रा शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध है. उनियाल ने कहा कि सरकार ने तीन चरणों मे यात्रा शुरू करने का फैसला किया था जिस पर बाद में कोर्ट ने रोक लगा दी. इसके बाद सरकार हाईकोर्ट गई और अब उस पर सुनवाई चल रही है. ऐसे मामले को लेकर राजनीति करना कांग्रेस की ओछी मानसिकता को दर्शाता है जो मामला कोर्ट में लंबित हो.

 

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