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बाबरी विध्वंस केस: जफरयाब जिलानी बोले- फैसले को हाई कोर्ट में देंगे चुनौती

जफरयाब जिलानी ने कहा कि फैसला पूरी तरह सबूतों और कानून के खिलाफ है. 1994 से लेकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट सब कहते रहे हैं कि यह क्राइम हुआ है और सभी लोग साजिश के तहत सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में रहे हैं.

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • जफरयाब जिलानी ने फैसले को चुनौती देने की बात कही
  • सीबीआई कोर्ट का फैसला कानून के खिलाफ- जिलानी

बाबरी मस्जिद विध्वंस केस में सीबीआई की विशेष कोर्ट के फैसले से जहां भारतीय जनता पार्टी खेमे में खुशी का माहौल है वहीं मस्जिद पक्ष के लोग ऊपरी अदालत में जाने की तैयारी कर रहे हैं. मशहूर वकील जफरयाब जिलानी ने कहा है कि वो इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देंगे. 

गौरतलब है कि बुधवार को लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत ने 28 साल पुराने बाबरी विध्वंस केस के सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि आरोपियों के खिलाफ कोई सबूत नहीं पाए गए हैं और जो भी घटना हुई वो पूर्व नियोजित नहीं बल्कि अचानक हुई थी. 

ये फैसला आने के बाद सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने कहा कि फैसला पूरी तरह सबूतों और कानून के खिलाफ है. 1994 से लेकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट सब कहते रहे हैं कि यह क्राइम हुआ है और सभी लोग साजिश के तहत सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में रहे हैं.

जिलानी ने कहा कि पुलिस के आला अफसर और मीडिया के लोगों ने इन सभी को नामजद किया था और लालकृष्ण आडवाणी जैसे दूसरे लोग कहते थे कि 'एक धक्का और दो बाबरी मस्जिद तोड़ दो'. जिलानी ने कहा कि ये 198 और 197 का क्राइम है और इन सभी को बरी कर दिया ऐसा बिल्कुल गलत है, हम सब इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देंगे.

बता दें कि 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराया गया था. सीबीआई ने इस मामले में केस दर्ज किया था और 49 लोगों को अभियुक्त बनाया था. लंबे समय से इस केस की सुनवाई चल रही थी, और इसी दौरान 17 अभियुक्तों की मौत भी हो गई. बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने 32 अभियुक्तों को बरी कर दिया है.


 

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