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प्रशांत किशोर ने दी यूपी में प्रियंका गांधी को सीएम कैंडिडेट बनाने की सलाह

यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की आहट मात्र से राज्य में सियासी तपिश काफी बढ़ गई है. कांग्रेस की किस्मत चमकाने का बीड़ा उठाने वाले चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने प्रियंका गांधी को सीएम कैंडिडेट बनाने का सुझाव कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को दिया है.

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प्रियंका गांधी प्रियंका गांधी

यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की आहट मात्र से राज्य में सियासी तपिश काफी बढ़ गई है. बीजेपी एक तरफ जहां राज्य में उपयुक्त चेहरा नहीं तलाश पा रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की किस्मत चमकाने का बीड़ा उठाने वाले चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने प्रियंका गांधी को सीएम कैंडिडेट बनाने का सुझाव कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को दिया है.

कांग्रेस को करिश्माई चेहरे की तलाश
कांग्रेस सूत्रों की मानें तो प्रशांत किशोर को नरेंद्र मोदी, अखिलेश यादव और मायावती को टक्कर देने के लिए एक ऐसे चेहरे की जरूरत है जो इन तीनों पर भारी पड़े. इसके लिए पीके ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी को मैदान में उतारने की सलाह दी है.

राहुल गांधी से प्रशांत किशोर की मुलाकात
सूत्रों के मुताबिक बुधवार को प्रशांत किशोर ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ दिल्ली में बैठक की, जिसमें उप्र में होने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार की गई. बैठक में प्रियंका को लेकर भी चर्चा हुई, लेकिन इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है.

हाईकमान करेगा फैसला
कांग्रेस नेताओं की मानें तो यदि प्रियंका को चेहरा बनाकर यूपी में 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ा गया, तो कांग्रेस को सफलता जरूर मिलेगी. यूपी में प्रियंका गांधी को मुख्यमंत्री का चेहरा प्रोजेक्ट किए जाने के सवाल पर कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि यह कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को तय करना है कि प्रियंका चेहरा बनेंगी या नहीं. यह सब वहीं तय होगा. नेहरू-गांधी परिवार पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है. यदि शीर्ष नेतृत्व यह तय करता है तो इससे बड़ी खुशी की बात क्या हो सकती है.

प्रियंका का बार-बार इनकार
इस बीच, कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने बताया, 'लोगों को लगता है कि यदि 2017 के चुनाव में प्रियंका गांधी की अगुवाई में चुनाव मैदान में जाया जाए तो बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है. प्रियंका गांधी द्वारा बार-बार राजनीति में न आने की घोषणा के बाद भी पार्टी के कार्यकर्ता उनसे लंबे समय से यूपी में सक्रिय होने की बात कह रहे हैं.'

इनपुट..IANS.

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