उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कॉलेज और स्कूल पानी के टैक्स का भुगतान नहीं कर रहे हैं, जिसके चलते जलकल विभाग ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है. लखनऊ के जलकल विभाग ने शहर के 10 बड़े कॉलेजों और स्कूलों को कुर्की का नोटिस भेजा है. विभाग ने इन कॉलेजों को चेतावनी दी है कि अगर बकाया टैक्स का भुगतान निर्धारित समय में नहीं किया गया, तो कुर्की की कार्रवाई की जाएगी.
जलकल विभाग के मुताबिक इन संस्थानों को सात दिन में बकाया जल और सीवर टैक्स जमा करने का नोटिस भेजा गया है. सात दिन में बकाया न जमा करने पर वसूली के लिए आरसी जारी कर दी जाएगी. जलकल विभाग ने इस बकाए को भू-राजस्व के बकाए की तरह वसूलने की तैयारी की है. मंगलवार को जोन एक के अधिशासी अभियंता ने ये नोटिस जारी की. शहर के तमाम बड़े कॉलेजों पर जलकल विभाग का करोड़ों रुपये का टैक्स बकाया है.
ये संस्थान तमाम नोटिस के बावजूद जलकल विभाग का टैक्स नहीं चुका रहे हैं. जलकल विभाग ने जोन एक के 10 टॉप बकाएदारों को नोटिस जारी कर दिया है. पैसा नहीं जमा कराने पर जलकल विभाग जिला अधिकारी के पास इनकी आरसी भेज देगा. फिर जिला प्रशासन इनकी संपत्ति को कुर्क कर बकाया रकम की वसूली करने की कार्रवाई करेगा.
जलकल विभाग का सबसे ज्यादा बकाया सूबे की राजधानी के लोरेटो कॉन्वेंट कॉलेज पर है. इस पर 12 करोड़ 85 लाख रुपये का बकाया है. इसके बाद दूसरे नंबर पर ला मार्टिनियर कॉलेज है. इ,
किस कॉलेज पर कितना बकाया
- लोरेटो कॉन्वेंट कॉलेज पर 12 करोड़ 85 लाख रुपये
- ला मार्टिनियर स्कूल प्राइमरी सेक्शन पर चार करोड़ 25 लाख रुपये
- ला मार्टिनियर कॉलेज एमजी मार्ग-7 पर करोड़ 65 लाख रुपये
- अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज पर दो करोड़ पांच लाख रुपये
- नेशनल पीजी कॉलेज पर एक करोड़ 43 लाख रुपये
- सेंट एग्नेस कॉलेज स्टेशन रोड पर 92 लाख 51 हजार रुपये
- सेंट फ्रांसिस कॉलेज पर 41 लाख रुपये
- सिटी मांटेसरी स्कूल पर 11 लाख 98 हजार रुपये
- सेंट टेरेसा स्कूल पर 21 लाख 42 हजार रुपये
- अमीरुद्दौला इस्लामिया इंटर कॉलेज पर 13 लाख 53 हजार रुपये