यूपी की राजधानी लखनऊ के मड़ियाव क्षेत्र में सोमवार रात हुई डॉक्टर की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. इसके साथ ही क्राइम ब्रांच की टीम ने दिवंगत डॉ. असगर अली के किरायेदार को गिरफ्तार कर लिया है. उसने डॉ. असगर अली की हत्या की बात स्वीकार कर ली है.
गोंडा निवासी डॉ. असगर अली (45) बालागंज हॉस्पिटल में कार्यरत थे. ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के कैम्पवेल रोड पर अपने परिवार के साथ रहते थे. सोमवार को उनका गला रेता शव मड़ियांव थाना क्षेत्र के गौरा भीठ में सड़क किनारे मिला था. पुलिस इस मामले की जांच में जुटी थी.
बुधवार को चिकित्सक हत्याकांड का खुलासा करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि मड़ियांव और क्राइम ब्रांच की टीम मामले की जांच कर रही थी. उन्होंने सर्विलांस के आधार किरायेदार रामू शर्मा निवासी हरदोई को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी.
उसने पुलिस की कड़ी पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया. एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपी रामू शर्मा ने बताया कि डॉ. असगर अली उसे आए दिन किराये के लिए परेशान करते थे. वह गरीबी के चलते पैसे समय से नहीं दे पता था तो डॉक्टर उसके साथ मारपीट और घर से भागने की धमकी देते थे.
इस घटना वाले दिन उसने किराये के रुपये देने के लिए असगर अली को बुलाया और बांका से वार कर हत्या कर दी. फिलहाल पुलिस आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई कर रही है. आरोपी के पास से पुलिस ने आला कत्ल बांका और मृतक के पास से लूटे 28 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं.