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कोरोना: बागपत के गांव में मौत के आंकड़ों में हेर-फेर, प्रधान ने वायरल की 37 मृतकों की लिस्ट

बागपत के गांव में होने वाली मौतों के आंकड़ों में हेर फेर देखने के बाद गांव के प्रधान ने कुछ लोगों की मदद से 18 अप्रैल से 15 मई के बीच का मृतकों का डाटा निकालकर एक लिस्ट तैयार की. गांव के प्रधान ने 37 मृतकों की लिस्ट बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया.

कोरोना के कारण हुई मौतों की संख्या पर सवाल (सांकेतिक तस्वीर, PTI) कोरोना के कारण हुई मौतों की संख्या पर सवाल (सांकेतिक तस्वीर, PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बागपत के गांव में 37 लोगों की मौत का मामला
  • गांव के स्वास्थ्य उपकेंद्र में डॉक्टर की जगह पशु और उपले

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां लूंब गांव में अब तक 37 लोगों की मौत की खबर है. जिसमें कुछ लोगों की कोरोना तो कुछ बुखार और हार्ट अटैक जैसी अन्य बीमारियों के चलते मौत होने के मामले हैं.

गांववालों का कहना है कि एक महीने तक लाख कोशिशों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग चेत नहीं रहा है. उन्होंने बताया कि आंकड़ों में हेर फेर देखने के बाद गांव के प्रधान ने कुछ लोगों की मदद से 18 अप्रैल से 15 मई के बीच का मृतकों का डाटा निकालकर एक लिस्ट तैयार की है. 

गांव के प्रधान ने 37 मृतकों की लिस्ट बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया. गांव में आजतक ने जब स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की तो पाया कि जिस उपकेंद्र में उपचार, डॉक्टर और दवाएं होनी चाहिए थीं वहां पशु बांधे जा रहे हैं.

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ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान यहां पशुओं का हरा चारा और गोबर के उपले देखने को मिले. गांव के लोगों में प्रशासन को लेकर काफी गुस्सा भी देखने को मिला. वहीं कई बीमार लोग अपने घरों पर ही जिंदगी मौत के बीच जूझ रहे हैं.


सीएचसी अधीक्षक डाक्टर राजकमल सिंह ने बताया कि सूचना के बाद वो टीम के साथ गांव में गए थे. वहां ग्राम प्रधान बाबूराम समेत दूसरे लोगों से बातचीत की तो सामने आया कि एक दो लोगों की मौत कोरोना से हुई है. जबकि अन्य मौत का कारण दूसरी बीमारियां बनी हैं.

उन्होंने बताया कि गांव में कोरोना की जांच शुरू करा दी गई है. जो लोग बुखार आदि से बीमार हैं उन्हें कोरोना किट दे दी गई है. गांव में आज की तारीख में एक ही कोरोना पाजिटिव केस है. लोगों से कोरोना की वैक्सीन लगवाने के लिए कहा है.


 

गांव में दो उपकेंद्र हैं जिनमें से एक का भवन बेकार होने के कारण उसमें कुछ लोगों ने पशु बांधे हैं, उसे खाली कराया जा रहा है. दूसरे उपकेंद्र में एएनएम बैठती हैं. प्रधान बाबूराम ने बताया कि गांव में मृतक लोगों की सूची बनाकर स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराया, जिसके बाद कोरोना की जांच शुरू हो गई और बीमार लोगों का उपचार भी कराया जा रहा है.

 

ग्राम प्रधान का कहना है कि गांव में जांच तो हुई नहीं, लेकिन पिछली 20 तारीख से गांव में 37 आदमी मर चुके हैं. कुछ बुखार से, कोई कोरोना से भी मरा है. गांव की आबादी लगभग 12 हजार है. डॉक्टर की बात करें तो एक आया, चला गया, कोई जांच नहीं हुई. उन्होंने कहा कि जब मीडिया में बात पहुंचाई तो आज जांच हो रही है. करीब 200 आदमी, बुखार और अन्य बीमारी से पीड़ित हैं. 

 

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