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UP: कैसी होगी ग्रेटर नोएडा फिल्म सिटी? डिजाइन पर सोमवार को फैसला

यमुना प्राधिकरण में डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के लिए एजेंसी के चयन की प्रक्रिया चल रही है. प्राधिकरण को टेंडर प्रक्रिया में शामिल कंपनियों ने अपना तकनीकी प्रस्तुतीकरण दिया है. आगामी सोमवार को डीपीआर बनाने वाली कंपनी का चयन हो जाएगा.

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ.(फाइल फोटो)
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ.(फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के लिए एजेंसी के चयन की प्रक्रिया जारी
  • 1000 एकड़ में फिल्म सिटी बसाने की तैयारी

यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सेक्टर-21 में बनने वाली फ़िल्म सिटी उत्तर प्रदेश सरकार के लिए एक बड़ा प्रोजेक्ट है. यह प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए एक ड्रीम प्रोजेक्ट जैसा है. अब सवाल यह है कि आखिर ये फिल्मसिटी कैसी होगी और इस में क्या-क्या सुविधाएं होंगी? इसकी शक्ल सूरत क्या होगी? इसको बनाने में कितना खर्च होगा? इन सबकी एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाई जा रही है. सोमवार यानी 14 दिसंबर को पता चलेगा कि ग्रेटर नोएडा फिल्म सिटी की रूपरेखा क्या होगी.

चल रही चयन प्रक्रिया

यमुना प्राधिकरण में डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के लिए एजेंसी के चयन की प्रक्रिया चल रही है. प्राधिकरण को टेंडर प्रक्रिया में शामिल कंपनियों ने अपना तकनीकी प्रस्तुतीकरण दिया है. आगामी सोमवार को डीपीआर बनाने वाली कंपनी का चयन हो जाएगा. यमुना प्राधिकरण सेक्टर-21 में फिल्मसिटी बनाने की तैयारी में है. यहां 1000 एकड़ में फिल्म सिटी बसाई जा रही है. जिसमें 780 एकड़ जमीन औद्योगिक उपयोग और 220 एकड़ व्यावसायिक उपयोग के लिए होगी.

यमुना प्राधिकरण कार्यालय में शुक्रवार को तकनीकी निविदा खोली गई थी. यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुण वीर सिंह ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया में शामिल कंपनियों ने प्रेजेंटेशन दे दिया है. सोमवार को इनमें से कंपनी का चयन हो जाएगा. उन्होंने बताया कि डीपीआर बनने में 2 महीने का वक्त लगेगा. DPR बनाते वक्त दुनिया भर की तमाम फिल्म सिटी का अध्ययन भी कराया जाएगा ताकि यमुना प्राधिकरण में बनने वाली फ़िल्मसिटी अत्याधुनिक और सुंदर बनाई जा सके.

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