नोएडा के जिलाधिकारी बीएन सिंह के अवकाश पत्र के ट्वीट के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में पुलिस हिरासत में लिए गए दोनों छात्रों को जमानत मिल गई है. दरअसल दो नाबालिग छात्रों को जिलाधिकारी के नाम पर गलत पोस्ट शेयर करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था.
दोनों नाबालिग छात्रों ने जिलाधिकारी बीएन सिंह द्वारा किए गए अवकाश पत्र के ट्वीट को एडिट किया था और उसे दोबारा री-ट्वीट कर दिया था. इसके बाद यह ट्वीट तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. इसके वायरल होते ही स्कूलों में छुट्टी को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी.
डीएम को जारी करना पड़ा था बयान
जिसके बाद आखिरकार जिलाधिकारी को एक बयान जारी करना पड़ा, जिसमें उन्होंने कहा कि यह उनके द्वारा जारी किया गया पत्र नहीं है, इसमें छेड़छाड़ की गई है. इस मामले में जिलाधिकारी के आदेश पर नोएडा सेक्टर 20 थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की. तभी पता चला कि यह शरारत सरकारी इंटर कालेज के दो छात्रों की है. उसके बाद पुलिस ने दोनों छात्रों में हिरासत में ले लिया था.
इस वजह से प्रशासन बैकफुट पर आया
डीएम के आदेश पत्र को एडिट कर वायरल करने वाले प्रकरण में पुलिस प्रशासन बैकफुट पर आ गया है. नाबालिग छात्रों पर आईओ ने चार धाराओं में से तीन (420, 419, 500) को ड्रॉप कर सिर्फ एक आईटी धारा 66 के तहत केस डायरी को कोर्ट में पेश किया है.
3 जनवरी को फिर कोर्ट में पेश होना होगा
बताया जा रहा है कि नोएडा बाल संप्रेषण गृह के अधीक्षक ने किशोर न्यायालय बोर्ड को पत्र लिखा था. बच्चों को कल से शुरू होने वाली परीक्षा में बैठेने की अनुमति मांगी थी. जिसके बाद जेजेवी ने बच्चों के भविष्य को देखते हुए अनुमति दे दी. दोनों नाबालिग छात्रों को कोर्ट ने 2 जनवरी तक इंट्रप्ट बेल की मंजूरी दी है. दोनों छात्रों को 3 जनवरी को फिर से कोर्ट में पेश होना है.
डीएम ऑफिस के सामने बच्चों ने दिया था धरना
डीएम का कहना था कि इन दोनों छात्रों ने अपराध किया है और इनके साथ कानून के अनुसार कार्रवाई कर जेल भेजा गया है. इस कार्रवाई के खिलाफ जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर बच्चे धरने पर बैठ गए. धरने पर बैठे बच्चे उसी सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले थे जिसके दो नाबालिग छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया था. बच्चों की मांग थी कि उनके स्कूल के दोनों छात्रों को माफ किया जाए और रिहा किया जाए.
(भूपेन्द्र चौधरी के इनपुट के साथ)