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पूर्वांचल में हार के कारणों पर मंथन करेंगी प्रियंका, बनेगी कांग्रेस को खड़ा करने की रणनीति

प्रियंका गांधी 11 और 12 जून को रायबरेली में पूर्वी यूपी के जिला अध्यक्ष, शहर अध्यक्ष और लोकसभा चुनाव में लगाए गए कोऑर्डिनेटर के साथ समीक्षा बैठक करेंगी.

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सियायी जमीन को तैयार करने के लिए लोकसभा चुनाव में पार्टी महासचिव और पूर्वांचल की प्रभारी प्रिंयका गांधी ने एड़ी से चोटी का जोर लगा दिया था, लेकिन चुनाव नतीजों से कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है. लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद से पार्टी में मंथन और बैठक का दौर जारी है. इस कड़ी में प्रियंका गांधी मंगलवार को दो दिवसीय दौरे पर रायबरेली पहुंच रही हैं और यहां पार्टी की हार की समीक्षा बैठक करेंगी. इसी के साथ प्रियंका कांग्रेस को सूबे में फिर से खड़ा करने के लिए भी रोड मैप तैयार करेंगी.

प्रियंका गांधी 11 और 12 जून को रायबरेली में पूर्वी यूपी के जिला अध्यक्ष, शहर अध्यक्ष और लोकसभा चुनाव में लगाए गए कोऑर्डिनेटर के साथ समीक्षा बैठक करेंगी. माना जा रहा है कि इस बैठक में हार के कारणों की समीक्षा के साथ-साथ प्रियंका प्रदेश में पार्टी के पुनर्गठन पर भी मंथन करेंगी.

प्रियंका गांधी मंगलवार को दिल्ली से शाम साढ़े सात बजे रायबरेली के फुरसतगंज एयरपोर्ट पहुंचेगी. इसके बाद सीट भुएमऊ गेस्टहाउस में रात्रिविश्राम करेंगी. सुबह साढ़े नौ बजे से शाम पांच बजे तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के संगठन के साथ मीटिंग करेंगी. रात 9 बजे दिल्ली के लिए वापसी करेंगी.

बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव से पहले यूपी को दो भागों पूर्व और पश्चिम में बांटकर प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया को इसकी जिम्मेदारी दी थी. 23 मई को आए लोकसभा चुनाव के नतीजे में कांग्रेस का सूबे में पूरी तरह से सफाया हो गया है. कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ख़ुद अमेठी से चुनाव हार का मुंह देखना पड़ा है.

दिलचस्प बात यह है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में सीट के साथ वोट फीसदी में भी कमी आई है.  2014 के चुनाव में कांग्रेस को दो सीट के साथ साढ़े सात फीसदी वोट मिले थे, पर इस बार पार्टी को सिर्फ 6.3 प्रतिशत वोट मिला है. हालांकि 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 6.2 फीसदी वोट मिले थे. जब कांग्रेस सपा के साथ गठबंधन कर चुनावी मैदान में उतरी थी.

कांग्रेस उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी की दिशा में कदम बढ़ा रही है. पार्टी की कोशिश है कि विधानसभा चुनाव से पहले पूरे प्रदेश में बूथ स्तर से लेकर अध्यक्ष तक बदलाव किया जाए ताकि, पार्टी कार्यकर्ताओं में भरोसा पैदा किया जा सके.

हालांकि प्रियंका गांधी ने इससे पहले यूपी के सभी कांग्रेस के सचिवों और नेताओं के साथ बैठक कर संगठन को नए सिरे से तैयार करने की बात कही थी. प्रियंका ने कहा था कि अब उत्तर प्रदेश में नए जिला अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष बनाए जाएंगे. जिसके लिए अच्छे उम्मीदवारों की तलाश की जाएगी.

उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत बनाने और नए लोगों को अपने साथ जोड़ने की रणनीति का खाका तैयार कर किया जा रहा है. इस सिलसिले में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस के नेताओं से अलग-अलग चर्चा कर रहे हैं. माना जा रहा है कि प्रियंका रायबरेली की बैठक से विधानसभा चुनाव की तैयारियों की औपचारिक शुरुआत कर सकती हैं.

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