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आसाराम मामले में गवाह मर्डर केस की सीबीआई जांच की सिफारिश

उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को खुद ही आसाराम द्वारा एक नाबालिग लड़की से कथित तौर पर बलात्कार केस के गवाह अखिल गुप्ता की हत्या के मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी.

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रेप के आरोप में जेल में बंद है आसाराम
रेप के आरोप में जेल में बंद है आसाराम

उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को खुद ही आसाराम द्वारा एक नाबालिग लड़की से कथित तौर पर बलात्कार केस के गवाह अखिल गुप्ता की हत्या के मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी.

गृह विभाग के प्रमुख सचिव देवाशीष पण्डा ने बताया कि में गवाह रहे अखिल गुप्ता की बीते जनवरी माह में मुजफ्फरनगर में हुई हत्या के मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी गई है. अखिल 74 वर्षीय आसाराम के आश्रम में खाना बनाता था. उसकी मुजफ्फरनगर में गत 11 जनवरी को गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी.

पत्नी ने की थी जांच की गुजारिश
पण्डा ने बताया कि अखिल की पत्नी ने मामले की कराने की गुजारिश की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है. पुलिस ने आसाराम प्रकरण में वर्ष 2013 में अखिल से पूछताछ की थी और उसने आसाराम के खिलाफ कथित रूप से बयान दिया था. खबरों के मुताबिक अखिल ने आसाराम के खिलाफ पुलिस को कुछ सबूत भी उपलब्ध कराए थे.

अब तक तीन गवाहों की मौत
आसाराम प्रकरण में अब तक नौ गवाहों पर हमला हुआ है जिनमें से तीन की मौत हो चुकी है. अखिल से पहले आसाराम के पूर्व सहयोगी अमृत प्रजापति की हत्या हुई थी. एक अन्य गवाह कृपाल सिंह (35) को बीती 10 जुलाई को शाहजहांपुर में मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने गोली मार दी थी. गम्भीर रूप से घायल सिंह की अगले दिन मौत हो गई थी.

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16 साल की लड़की से बलात्कार का आरोप
आसाराम 16 साल की एक छात्रा से बलात्कार के आरोप में अगस्त 2013 से जेल में हैं. शाहजहांपुर के मोहल्ला गदियाना चुंगी में रहने वाला कृपाल सिंह आसाराम प्रकरण में कथित रूप से पीड़ित किशोरी के पिता का सहकर्मी था और वह कभी आसाराम का विश्वासपात्र रह चुका था. सिंह आसाराम के खिलाफ अहम गवाह था.

अपर नगर मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज बयान में सिंह ने कहा था कि पिछले कई दिनों से आसाराम के गुर्गे संजय, अजरून और राघव उसे धमकी दे रहे थे. तीनों शाहजहांपुर के रहने वाले हैं.

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