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UP: नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ किसानों का 'मटका फोड़ आंदोलन', ये हैं 4 मांगें

किसान नोएडा के सेक्टर-5 हरौला बारात घर से प्राधिकरण की ओर मटका लेकर बढ़ रहे थे, लेकिन पहले से मुस्तैद पुलिस ने किसानों को अथॉरिटी पर पहुंचने से पहले ही सेक्टर-6 चौराहे पर रोक लिया.

नोएडा में मटका फोड़ आंदोलन में हिस्सा लेते किसान (वाीडियो ग्रैब) नोएडा में मटका फोड़ आंदोलन में हिस्सा लेते किसान (वाीडियो ग्रैब)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हरौला गांव में प्रदर्शन में 81 गांव के किसान एकत्र हुए
  • 1 सितंबर से प्राधिकरण के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन
  • पुलिस ने रोका तो सेक्टर-6 चौराहे पर ही मटका फोड़ा

नोएडा के हरौला गांव स्थित बारात घर से सोमवार को एक बार फिर भारी संख्या में 81 गांव के किसान एकत्रित हुए हैं, यहां भारी मात्रा में महिला और युवा भी उपस्थित रहे. किसान अपनी चार मुख्य मांगों को लेकर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे है और किसानों ने सोमवार को प्राधिकरण के खिलाफ मटका फोड़ प्रदर्शन किया.

मटका फोड़ प्रदर्शन के दौरान नोएडा के 81 गांवों के किसान शामिल हुए. किसान 1 सितंबर से नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. किसानों ने हरौला गांव के बारात घर से मटका फोड़ आंदोलन किया.

किसान सेक्टर-5 हरौला बारात घर से प्राधिकरण की ओर मटका लेकर बढ़ रहे थे, हालांकि पुलिस पहले से मुस्तैद थी और किसानों को अथॉरिटी पर पहुंचने से पहले ही सेक्टर-6 चौराहे पर रोक लिया.

किसानों की चार मुख्य मांगें 

किसानों ने सेक्टर-6 चौराहे पर ही प्राधिकरण के खिलाफ मटका फोड़ा. बता दें कि इन किसानों की चार मुख्य मांगें हैं. पहली मांग है कि गांव में नक्शा नीति लागू ना की जाए, प्रत्येक किसान को 10% का प्लॉट दिया जाए. दूसरा, सभी किसानों को 64% मुआवजा दी जाए. तीसरा, गांव में कमर्शियल एक्टिविटी बंद नहीं किए जाएं और चौथा, गांव में किसी भी इमारत को अवैध बताकर ना तोड़ा जाए.

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इन चार मुख्य मांगों को लेकर किसान लगातार सड़कों पर उतरे हुए हैं, और अपनी मांगों को लेकर काफी लंबे समय से नोएडा प्राधिकरण के यहां प्रदर्शन भी कर रहा है, इसी क्रम में उन्होंने मटका फोड़ आंदोलन भी किया.

किसानों का कहना है कि हम अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन पुलिस आधी रात को खाना खाते वक्त और बीच दोपहर में कभी भी किसानों को घर से गिरफ्तार करके ले जाते हैं.

किसानों के समर्थन में कांग्रेस और सपा कार्यकर्ता भी पहुंचे. कांग्रेस नेता अनिल यादव ने कहा, 'किसानों के प्रदर्शन को कांग्रेस पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता समर्थन कर रहे है. मैं आंदोलन में हिस्सा लेने के कारण 9 दिन के लिए जेल भी गया, जब तक किसानों के मांगों को नहीं माना जाता. कांग्रेस किसानों के साथ प्रदर्शन में कंधा से कंधा मिला कर खड़ी रहगी.'

 

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