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यूपी: टीकाकरण में नंबर 1, अब 'क्लस्टर अप्रोच 2.0' से कौन सा नया रिकॉर्ड बनेगा?

कोरोना टीकाकरण अभियान में उत्तर प्रदेश दूसरे प्रदेशों से कहीं आगे है. प्रदेश ने सर्वाधिक टीकाकरण कर दूसरे प्रदेशों के समक्ष एक नजीर पेश की है. सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार एक सधी रणनीति के तहत तेजी से टीकाकरण किया जा रहा है.

यूपी में और तेज होगा टीकाकरण ( फोटो पीटीआई) यूपी में और तेज होगा टीकाकरण ( फोटो पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • यूपी में और तेज होगा टीकाकरण
  • एक नवंबर से शुरू होगा क्लस्टर मॉडल 2.0

कोरोना टीकाकरण अभियान में उत्तर प्रदेश दूसरे प्रदेशों से कहीं आगे है. प्रदेश ने सर्वाधिक टीकाकरण कर दूसरे प्रदेशों के समक्ष एक नजीर पेश की है. सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार एक सधी रणनीति के तहत तेजी से टीकाकरण किया जा रहा है. प्रदेशवासियों को जल्द से जल्द टीकाकवर देने के उद्देश्य से प्रदेश में क्लस्टर अप्रोच को लागू किया गया था.  जिसके तहत 19 अक्टूबर तक प्रदेश में लगभग 64 फीसद लोगों को टीके की पहली डोज और 19 फीसद लोगों को दूसरी डोज दी जा चुकी है.

यूपी में और तेज होगा टीकाकरण

ग्रामों में क्लस्टर अप्रोच की सफलता को देखते हुए एक बार फिर से प्रदेश सरकार क्लस्टर अप्रोच 2.0 की शुरूआत करने जा रही है. टीकाकरण की दूसरी डोज की रफ्तार बढ़ाने के लिए वर्तमान में लागू टीकाकरण की व्यवस्थाएं फिक्स बूथ क्लस्टर अप्रोच, मेगा वैक्सीनेशन डे पहले की तरह लागू रहेंगे. प्रदेश में दूसरी डोज वैक्सीनेशन को वरियता देते हुए शत-प्रतिशत टीकाकरण किया जाएगा. क्लस्टर मॉडल के जरिए जिन ग्रामों, मोहल्लों में प्रथम डोज लगाने का कार्य सफलतापूर्वक किया गया था, उन ग्रामों में क्लस्टर मॉडल के तहत दूसरी डोज को लगाने का काम किया जाएगा.

एक नवंबर से शुरू होगा क्लस्टर मॉडल 2.0

टीकाकरण की पहली और दूसरी डोज के निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए अब ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. प्रदेश में एक बार फिर से क्लस्टर मॉडल 2.0 की शुरूआत एक नवंबर से होने जा रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण की रफ्तार को बढ़ाने के लिए ग्रामों को तीन वर्गों में बांट कर टीकाकरण किया जाएगा. जिस ग्राम पंचायत में पहली डोज पूरी तौर पर ग्रामवासियों की दी जा चुकी होगी वहां दूसरी डोज देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, इतना ही नहीं उस गांव को "प्रथम डोज संतृप्त ग्राम" की संज्ञा देने के साथ ही वहां के ग्राम प्रधान को सम्मानित भी किया जाएगा.

आगे की क्या रणनीति?

वहीं दोनों डोज पूरी करने वाले ग्राम को कोविड सुरक्षित ग्राम की संज्ञा दी जाएगी. स्वास्थ्य विभाग द्वारा ब्लाक स्तर पर सहभागी संस्थाओं (डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ समेत अन्य) के सहयोग से ग्रामों को वरियता देते हुए क्लस्टर मॉडल कार्ययोजना बनाई जाएगी. प्रदेश में टीकाकरण टीम के साथ काम करने वाले मोबिलाइजर्स (आशा, आंगनबाडी, लिंक वर्कर) के द्वारा टीकाकरण दिवस पर क्षेत्र में टीकाकरण से छूटे हुए लोगों को चिन्हित किया जाएगा. ऐसे लोगों से संवाद स्थापित कर टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा. 

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