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उन्नाव केस: सरकार ने वापस ली कुलदीप सेंगर की सुरक्षा, घर से वापस बुलाए गए गार्ड

कुलदीप सेंगर की सुरक्षा में जो वाई श्रेणी के गार्ड थे उन्हें सरकार ने वापस बुला लिया है. इसके अलावा घर पर तैनात सुरक्षा को भी हटा लिया गया है.

आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर (फाइल) आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर (फाइल)

उन्नाव गैंगरेप केस में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की मुश्किलें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं. विधायक को सरकार की तरफ से अभी तक जो सुरक्षा दी जा रही थी वह वापस ले ली गई है. कुलदीप सेंगर की सुरक्षा में जो वाई श्रेणी के गार्ड थे उन्हें सरकार ने वापस बुला लिया है. इसके अलावा घर पर तैनात सुरक्षा को भी हटा लिया गया है.

आपको बता दें कि उन्नाव गैंगरेप केस की जांच कर रही सीबीआई ने गुरुवार को एक बार फिर पीड़िता, उसकी मां और चाचा से पूछताछ की थी. दिल्ली से गई स्पेशल सीबीआई की टीम ने परिवार से घटना के बारे में पूरी जानकारी ली थी. गौरतलब है कि सीबीआई को पीड़िता के पिता के खिलाफ पुलिस की एफआईआर फर्जी होने के सबूत मिले हैं. आरोपी विधायक के भाई से भी पूछताछ की जा रही है.

सीबीआई हिरासत में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह सेंगर सहित पांचों आरोपी है. उन सभी से पीड़िता के पिता की मौत के संबंध में पूछताछ हो रही है. सभी को मौका-ए-वारदात पर ले जाया जाएगा. बीते मंगलवार को ही सीबीआई ने अतुल सिंह सेंगर सहित पांचों आरोपियों को अपने हिरासत में लिया है.

विधायक पर गैंगरेप-हत्या का आरोप

गैंगरेप पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ 4 जून 2017 को बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर और उनके साथियों ने गैंगरेप था. उसने बीजेपी विधायक से रेप का विरोध किया, तो उसने परिवार वालों को मारने की धमकी दी. जब वो थाने में गई तो एफआईआर नहीं लिखी गई. इसके बाद तहरीर बदल दी गई. वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने लखनऊ गई.

पिता को बर्बरता से पीटने का आरोप

मुख्यमंत्री से आरोपी विधायक की शिकायत की थी. उन्होंने इंसाफ का भरोसा दिलाया था, लेकिन एक साल हो गया. अब तक कुछ नहीं हुआ. दिल्ली से उसके पिता गांव आए, तो विधायक के लोगों ने उनको बहुत मारा. उनको घसीटकर ले गए. पीटने के बाद उन्हें अपने घर के बाहर फेंक दिया. इसके बाद उन्हें जेल में बंद कर दिया गया, जहां उनकी मौत हो गई है.

पेट दर्द के साथ खून की उल्टियां

पीड़िता के पिता को बीते रविवार रात को जेल में पेट दर्द के साथ खून की उल्टियां शुरू हुई थीं. इस पर उसे तुरंत जिला अस्पताल के एमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान तड़के लगभग तीन बजे उसकी मौत हो गई. मृतक की उम्र करीब 50 वर्ष थी. मृतक के परिजन ने बीजेपी विधायक पर जेल में हत्या कराने का आरोप लगाया है.

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