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उन्नाव केसः फर्जी थी पीड़िता के पिता के खिलाफ दर्ज FIR, सीबीआई को मिले सबूत

गौरतलब है कि घटना के बाद से ही टिंकू सिंह गायब है. परिवार के मुताबिक उसके साथ किसी अनहोनी की आशंका है. परिवार इस बारे में पुलिस से शिकायत कर चुका है. पर अभी तक पुलिस ने इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की है.

बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके भाई समेत कई लोगों से पूछताछ जारी है बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके भाई समेत कई लोगों से पूछताछ जारी है

उन्नाव गैंगरेप केस में एक नया खुलासा हुआ है. सीबीआई को पीड़िता के पिता के खिलाफ पुलिस की एफआईआर फर्जी होने के सबूत मिले हैं. दरअसल, बीती चार अप्रैल को आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह और उसके लोगों ने पीड़िता के पिता की बुरी तरह पिटाई का थी. यही नहीं, बाद में उन्होंने अवैध हथियार रखने के जुर्म में जख्मी पिता को ही जेल भिजवा दिया था. जहां उनकी मौत हो गई थी.

अब एफआईआर कराने वाले टिंकू सिंह के बारे में सीबीआई को पता चला है कि उसने शिकायत दी ही नहीं थी. टिंकू सिंह पीड़ित परिवार का रिश्तेदर है. टिंकू सिंह के बारे में कहा जा रहा है कि वो पढ़ा-लिखा ही नहीं है. उसके नाम से आरोपियों ने ही फर्जी शिकायत देकर एफआईआर करवाई थी.

गौरतलब है कि घटना के बाद से ही टिंकू सिंह गायब है. परिवार के मुताबिक उसके साथ किसी अनहोनी की आशंका है. परिवार इस बारे में पुलिस से शिकायत कर चुका है. पर अभी तक पुलिस ने इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की है.

उधर, सीबीआई ने इस मामले में आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह सेंगर सहित पांचों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है. सभी आरोपियों से पीड़िता के पिता की मौत के संबंध में पूछताछ हो रही है. सभी को मौका-ए-वारदात पर ले जाया जाएगा. पीड़िता और उसके परिवार को भी सीबीआई बुला सकती है.

मंगलवार को ही सीबीआई ने अतुल सिंह सेंगर सहित पांचों आरोपियों को हिरासत में लिया है. इसके साथ ही सीबीआई ने इस केस में चौथी प्राथमिकी दर्ज कर ली है. नई प्राथमिकी में सीबीआई ने आरोपी शशि सिंह के बेटे शुभम सिंह को अभियुक्त बनाया है. शशि सिंह पर वारदात के दिन बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह की मदद करने का आरोप है.

बीते सोमवार को सीबीआई पीड़ित लड़की को लेकर लखनऊ कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने पहुंची. जज ने बंद कमरे में लड़की का बयान लिया. आरोपी विधायक का नार्को टेस्ट हो सकता है. उधर, पीड़िता के परिजनों ने विधायक पर नया आरोप लगाया है.

पीड़ित परिवार का आरोप था कि कुलदीप सिंह सेंगर ने जानबूझकर परिवार को कोर्ट तक जाने से रोका है, ताकि पीड़िता की उम्र से संबंधित दस्तावेज कोर्ट में जमा न हो सकें. परिवार का दावा है कि उनके पास पीड़िता की उम्र के संबंध में पुख्ता दस्तावेज हैं, वो उसे कोर्ट में पेश करना चाहते हैं. पीड़िता की उम्र को लेकर हाल ही में सवाल उठाए गए थे.

सीबीआई सूत्रों के मुताबिक बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने अभी तक अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इंकार किया है. उन्होंने कहा है कि जिस दिन रेप की बात पीड़िता ने कही है, उस दिन वो उन्नाव में नहीं थे. उन्होंने सीबीआई को अपनी प्रोग्राम डायरी भी दी है. लोगों से उनके कार्यक्रमों की फोटो और डिटेल इकट्ठा करने के लिए कहा है.

गैंगरेप पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ 4 जून 2017 को बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर और उनके साथियों ने गैंगरेप किया था. उसने जब रेप का विरोध किया, तो बीजेपी विधायक ने उसके परिवार वालों को मारने की धमकी दी थी.

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