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प्रियंका गांधी ने कहा- कोरोना काल में पत्रकारों के लिए बीमा कवर दे यूपी सरकार

प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में नीलांशु को याद करते हुए लिखा, ''लखनऊ के नौजवान पत्रकार नीलांशु शुक्ला जी हमारे बीच नहीं रहे. वो कई दिनों से कोरोना से लड़ाई लड़ रहे थे. नीलांशु शुक्ला जी एक होनहार पत्रकार थे. कई बार मैंने स्वयं उन्हें कार्य करते देखा है.

नीलांशु शुक्ला- फाइल फोटो नीलांशु शुक्ला- फाइल फोटो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 20 अगस्त को दी थी कोरोना की जानकारी
  • कानपुर के रहने वाले थे नीलांशु शुक्ला
  • कई बड़ी टीवी चैनलों के साथ किया काम

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने यूपी में कोरोना वायरस से जान गंवाने टीवी पत्रकार नीलांशु शुक्ला को श्रद्धांजलि दी है. प्रियंका ने कहा कि वो कई दिनों से कोरोना से लड़ाई लड़ रहे थे, ईश्वर इस दुख की घड़ी में उनके परिजनों को कष्ट सहन करने का साहस दे. 

नीलांशु शुक्ला ने कई बड़े मीडिया समूहों के साथ काम किया. फिलहाल, वो इंडिया टुडे के लिए बतौर संवाददाता लखनऊ से अपनी सेवाएं दे रहे थे. नीलांशु शुक्ला मूलरूप से कानपुर के रहने वाले थे. 

पत्रकारों के लिए बीमा कवर की मांग

प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में नीलांशु को याद करते हुए लिखा, ''लखनऊ के नौजवान पत्रकार नीलांशु शुक्ला जी हमारे बीच नहीं रहे. वो कई दिनों से कोरोना से लड़ाई लड़ रहे थे. नीलांशु शुक्ला जी एक होनहार पत्रकार थे. कई बार मैंने स्वयं उन्हें कार्य करते देखा है. भावभीनी श्रद्धांजलि. ईश्वर इस दुख की घड़ी में उनके परिजनों को कष्ट सहने का साहस दे. मैंने पहले भी इस मुद्दे को उठाया था कि पत्रकार साथी इस संकट के समय में सूचनाएं देने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं. यूपी सरकार को नीलांशु शुक्ला जी के परिवार को आर्थिक मदद व सभी पत्रकारों को बीमा कवर देना चाहिए.''

20 अगस्त को नीलांशु ने खुद ट्वीट कर अपने कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी दी थी. नीलांशु ने बताया था उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, लिहाजा जो लोग भी उनके संपर्क में आए हों वो अपनी जांच करा लें. नीलांशु ने बताया था कि उन्हें होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है. 

हालांकि, जब नीलांशु की तबीयत बिगड़ी तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनकी हालत बिगड़ती गई. वेंटिलेटर सपोर्ट पर भी रखा गया. प्लाज्मा थेरेपी भी दी गई है, लेकिन इलाज उनके काम नहीं आ सका. मंगलवार सुबह उन्होंने आखिरी सांस ली. 

नीलांशु एक यंग और एनर्जिटिक जर्नलिस्ट के तौर पर जाने जाते थे जो हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में एक साथ काम करते थे. कुछ वक्त पहले ही उनकी सगाई हुई थी. 


 

 

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