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यूपी पंचायत चुनावः आरक्षण पर HC के फैसले के खिलाफ याचिका, शुक्रवार को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

मंगलवार को ही उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट अर्जी भी दाखिल की है. इस अर्जी में कहा गया है कि कोर्ट इस याचिका पर कोई भी निर्णय करने से पहले एक बार उनका पक्ष भी जरूर सुने.

सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • यूपी पंचायत चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका
  • सुप्रीम कोर्ट 26 मार्च को करेगा सुनवाई
  • यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट अर्जी की दाखिल

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 26 मार्च को सुनवाई करेगा. मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबड़े की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी. ऐसे में पंचायत चुनाव से जुड़ी याचिकाओं के निस्तारण पर सब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं. 

बता दें कि मंगलवार को ही उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट अर्जी भी दाखिल की है. इस अर्जी में कहा गया है कि कोर्ट इस याचिका पर कोई भी निर्णय करने से पहले एक बार उनका पक्ष भी जरूर सुने. कैविएट याचिका में प्रदेश सरकार की ओर से कहा गया है कि जब पंचायत चुनाव को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा तब कोर्ट में सरकार का भी पक्ष सुना जाए. 

दरअसल, उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पिछले शनिवार को विशेष अनुमति याचिका यानी एसएलपी दाखिल की गई है. इस याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई. याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान उसका पक्ष पूरी तरह नहीं सुना गया. 

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कुछ दिन पहले ही पुरानी आरक्षण सूची पर रोक लगाते हुए 2015 के आधार पर चुनाव कराने को लेकर फैसला सुनाया था. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि साल 2015 को आधार मानते हुए सीटों पर आरक्षण लागू किया जाए. 

इसके पूर्व राज्य सरकार ने कहा कि वह साल 2015 को आधार मानकर आरक्षण व्यवस्था लागू करने के लिए तैयार है. ऐसे में उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से जुड़ी याचिकाओं को लेकर सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं. 

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