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उम्भा नरसंहार मामला: जांच में खुलासा, कांग्रेसी नेता ने हथियाई थी जमीन

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के उम्भा गांव में हुए नरसंहार मामले में जांच रिपोर्ट सामने आ गई है. प्रमुख सचिव रेणुका कुमार की कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस के एक नेता ने सोनभद्र और मिर्जापुर मे फर्जी सहकारी समितियां बनाकर करीब 9000 बीघा जमीन हथियाई थी. अब सरकार कांग्रेसी नेता पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है. 9000 बीघे जमीन को कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस लेने की कवायद शुरू हो गई है.

सोनभद्र हत्याकांड के पीड़ितों से मिलने पहुंचीं थीं प्रियंका गांधी (फोटो-IANS) सोनभद्र हत्याकांड के पीड़ितों से मिलने पहुंचीं थीं प्रियंका गांधी (फोटो-IANS)

  • प्रमुख सचिव रेणुका कुमार ने सौंपी जांच रिपोर्ट
  • 9000 बीघा जमीन वापस लेने की कवायद शुरू

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के उम्भा गांव में हुए नरसंहार मामले में जांच रिपोर्ट सामने आ गई है. प्रमुख सचिव रेणुका कुमार की कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस के एक नेता ने सोनभद्र और मिर्जापुर मे फर्जी सहकारी समितियां बनाकर करीब 9000 बीघा जमीन हथियाई थी. अब सरकार कांग्रेसी नेता पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है. 9000 बीघे जमीन को कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस लेने की कवायद शुरू हो गई है.

कांग्रेसी नेता के अलावा भी कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने फर्जी सहकारी समितियां बना कर जमीन हड़पी है. उन पर भी कार्रवाई होगी. सोनभद्र के उन्भा गांव में पिछले साल जमीनी विवाद के बाद दस किसानों की हत्या हुई थी जिसके बाद भारी विवाद हुआ था. कांग्रेसी नेता के अलावा भी कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने फर्जी सहकारी समितियां बना कर जमीन हड़पी है. उन पर भी कार्रवाई होगी. सोनभद्र के उन्भा गांव में पिछले साल जमीनी विवाद के बाद दस किसानों की हत्या हुई थी जिसके बाद भारी विवाद हुआ था.

अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एक हजार एकड़ से अधिक जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है. 650 एकड़ से अधिक जमीन पर सहकारी समितियों का कब्जा है. इस जमीन की कीमत लगभग 700 करोड़ रुपये आंकी गई है. अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार की अध्यक्षता में गठित 6 सदस्यीय जांच समिति ने रिपोर्ट सौंपी है.

रेणुका कुमार की 1100 पेज की रिपोर्ट में 660 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का खुलासा हुआ है. सोनभद्र की 3 और मिर्जापुर की 4 सहकारी समितियों ने अवैध रूप से 6602 एकड़ सरकारी जमीन कब्जाई. दोनों जिलों की 12380 एकड़ सरकारी जमीन की जांच में सामने ये सच सामने आया. जांच समिति ने 1952 से 2019 तक के दस्तावेज के आधार पर ये रिपोर्ट तैयार की है.

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