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2019 से पहले भव्य राम मंदिर निर्माण का रास्ता निकलेगा: साक्षी महाराज

सांसद साक्षी महाराज का कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने आपसी बातचीत से राम मंदिर का रास्ता निकालने की बात कही है. वे उसे अच्छा कदम बताते हैं और साथ ही हिंदू और मुस्लिम दोनों को सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करने की बात कहते हैं.

साक्षी महाराज साक्षी महाराज

सांसद साक्षी महाराज का कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने आपसी बातचीत से राम मंदिर का रास्ता निकालने की बात कही है. वे उसे अच्छा कदम बताते हैं और साथ ही हिंदू और मुस्लिम दोनों को सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करने की बात कहते हैं. वे कहते हैं कि कोर्ट ने वहां मंदिर की बात को स्वीकारा है और ऐसे में यह हिन्दू और मुसलमान दोनों के लिए सम्मान की बात है. वे कहते हैं कि आपसी बातचीत से ही निर्णय निकलेगा. ऐसे में इससे हिंदू और मुसलमानों का सम्मान रह जाएगा. वैसे भी अगर कोर्ट कोई निर्णय देती तो सभी को मान्य होता.

2018 में राज्यसभा में बहुमत से कानून बनाने के बारे में साक्षी महाराज का कहना है कि वे अभी लोक सभा के सदस्य हैं. वे मानते हैं कि 2019 चुनाव से पहले राम मंदिर निर्माण का रास्ता निकलेगा. भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा. बूचड़खाने बंद करने के सवाल पर साक्षी महाराज कहते हैं मोदी जी ने श्वेत क्रांति का सपना देखा था. ऐसे में दुधारू पशुओं का कटना ठीक नहीं है. इसका बंद किया जाना उचित कदम है.

सुब्रमण्यम स्वामी के बयान पर क्या बोले सांसद सलीम?
राम मंदिर मुद्दे पर सुब्रमण्यम स्वामी के बयान पर सीपीएम सांसद मो.सलीम कहते हैं कि बीजेपी में अनेक तरह की भैंस हैं. बीजेपी में पहले भैंस बोलती है फिर लाठी बोलती है. आज कल जिसकी लाठी उसकी भैंस चल रहा है. मोहम्मद सलीम का कहना है कि अयोध्या मामले में कोर्ट के भीतर क्रिमिनल केस चल रहा है और बीजेपी इसे प्रभावित करना चाहती है.

अनंत कुमार ने इसे स्वागत योग्य कहा...
भारत सरकार में संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार कहते हैं कि राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का बयान स्वागत योग्य है. ऐसे में आपसी बातचीत से उसका समाधान निकला जाना अच्छा है.

राम मंदिर मुद्दे पर क्या बोले वेंकैया नायडू?
सूचना और प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू सुप्रीम कोर्ट के हवाले से कहते हैं कि इस मुद्दे का हल सामूहिक प्रयास से होना चाहिए. साल 2018 में राज्यसभा के भीतर सरकार का बहुमत होने और इस पर कानून बनाने के सवाल पर वे कहते हैं कि इस मुद्दे का आपसी बातचीत से ही हल निकालना बेहतर होगा. वे कहते हैं कि इस मुद्दे पर राजनीतिक लोगों को अधिक बोलने से बचना चाहिए.

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