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RSS और BJP की समन्वय बैठक, 2019 के लिए योगी को मिला फ्री हैंड

योगी चुनाव की जरूरतों के मुताबिक सरकार के फैसले ले सकेंगे. यही नहीं संगठन में भी कोई भी बड़ा फैसला उनकी सहमति के बिना नहीं लिया जाएगा. सरकार में किसे शामिल करना है और किसे बाहर का रास्ता दिखाया जाना है ये भी योगी चुनावी जरूरतों के हिसाब से खुद तय कर सकेंगे.

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सीएम योगी आदित्यनाथ संघ नेताओं के साथ (फाइल फोटो)
सीएम योगी आदित्यनाथ संघ नेताओं के साथ (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और बीजेपी के साथ मंगलवार को हुई पांचवीं समन्वय बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सरकार में बैठे लोगों की जवाबदेही तय करने की बात कही है. सूत्रों के मुताबिक संघ के शीर्ष नेताओं ने योगी को 2019 चुनाव के लिए प्रदेश में फ्री हैंड देने का फैसला किया है. इसका अर्थ ये है कि योगी चुनाव की जरूरतों के मुताबिक सरकार के फैसले ले सकेंगे. यही नहीं संगठन में भी कोई भी बड़ा फैसला उनकी सहमति के बिना नहीं लिया जाएगा. सरकार में किसे शामिल करना है और किसे बाहर का रास्ता दिखाया जाना है ये भी योगी चुनावी जरूरतों के हिसाब से खुद तय कर सकेंगे. अब तक ऐसे फैसलों में प्रदेश संगठन और केंद्रीय नेतृत्व की सहमति जरूरी मानी जाती थी.

पिछले 24 घंटों में बीजेपी और संघ, साथ ही योगी और संघ के बड़े नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत हुई. इसके बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने योगी आदित्यनाथ को ही 2019 में उत्तर प्रदेश से बीजेपी की जीत सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंप दिया. प्रदेश के दलितों और पिछड़ों सहित अलग-अलग जातियों को साधने की पूरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार की ही होगी.

सूत्रों के मुताबिक आरएसएस ने योगी आदित्यनाथ को पिछड़ों और दलितों को पूरी तरीके से साथ रखने का हुक्म सुनाया है. इसके साथ ही हिंदुत्व को भी धार देने की बात कही गई है जिसके लिए कुंभ का भरपूर इस्तेमाल किया जाएगा. अगर ये कहा जाए कि बीजेपी यूपी में 2019 का संग्राम जीतने के लिए कुंभ को सबसे बड़ा हथियार बनाएगी तो गलत नहीं होगा.

बता दें कि अभी तक उत्तर प्रदेश में पार्टी संगठन और सरकार के अलग-अलग ध्रुव होने की खबरें आती रहती हैं. इससे योगी आदित्यनाथ की स्थिति कमजोर हो रही है. संकेत ये जा रहे हैं कि योगी आदित्यनाथ की न तो संगठन में चलती है और न ही पूरी तरह से सरकार में. रही सही कसर उपचुनावों में बीजेपी की दुर्गति ने पूरी कर दी है. मुख्यमंत्री इस बात को कई बार बीजेपी और संघ के शीर्ष नेताओं के सामने उठा चुके हैं. ऐसे में संघ ने समन्वय बैठक में सबसे बड़ा फैसला योगी को फ्री हैंड देने का किया है.

यूपी सरकार और संघ के बीच मंगलवार को संवाद के कई दौर चले. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह दिल्ली में संघ कार्यालय झंडेवालान पहुंचे, जहां पर दो घंटे से ज्यादा समय तक उनकी संघ के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ बातचीत चली. झंडेवालान में योगी ने पहले भैयाजी जोशी से मुलाकात की. इसके बाद उनकी मुलाकात मोहन भागवत से भी कराई गई.

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली से लौटने के बाद योगी आदित्यनाथ ने संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले के साथ लखनऊ के जियामऊ में पांचजन्य कार्यालय में समन्वय बैठक की. इस बैठक में दत्तात्रेय और सीएम योगी के साथ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, दिनेश शर्मा के साथ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय और यूपी के संगठन महामंत्री सुनील बंसल भी मौजूद थे.

बीजेपी सूत्रों के अनुसार इस बैठक में कुंभ के जरिये हिंदुत्व के एजेंडे को धार देने की तैयारी का खाका खींचा गया. संघ के सभी अनुषांगिक संगठन कुंभ के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

समन्वय बैठक में संघ ने योगी सरकार को पिछड़ों, दलितों और किसानों की योजनाओं पर जोर देने की नसीहत दी. संघ ने योगी आदित्यनाथ से कार्यकर्ताओं की नाराजगी खत्म करने और कुछ मंत्रियों की आ रही शिकायतों पर भी गौर करने को कहा. कुछ मंत्रियों के पर कतरने की तैयारी की गई है. खासकर उन मंत्रियों के जिनके चलते सरकार की छवि खराब हो रही है.

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