जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले में 40 केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों की शहादत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. देश भर से शहीदों के परिवारों की मदद के लिए हाथ उठ रहे हैं, हर आम और खास अपने तरीके से इन परिवारों की मदद करना चाहता है. इस कड़ी में उत्तर प्रदेश के बरेली में एक प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल ने अपने सोने के कंगन बेंच कर करीब 1.3 लाख की रकम शहीदों के परिवारों की मदद के लिए दान कर दी.
Kiran Jhagwal,a pvt school Principal in Bareilly,sold her bangles&donated Rs 1,38,387 in Prime Minister's Relief Fund for families of CRPF jawans who lost their lives in #PulwamaAttack. She says, "When I saw their wives crying on TV,I thought what's the use of my bangles?" (21.2) pic.twitter.com/OYOOjuFASl
— ANI UP (@ANINewsUP) February 21, 2019
देखा नहीं गया परिवारों का गम...
दरअसल, यहां के प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल किरण झागवाल ने पुलवामा आतंकी हमले में जान गंवाने वाले 40 सीआरपीएफ जवानों के परिवार की मदद के लिए 1,38,387 रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष में दान किए. किरण झागवाल ने बताया की पुलवामा हमले के बाद जब शहीदों के पार्थिव शरीर उनके परिजनों के पास पहुंचे और उन्होनें शहीदों की पत्नियों को रोते हुए टीवी पर देखा तो उन्हें बहुत दुख हुआ.
प्रिसिंपल ने बताया कि उन्हें यह लगने लगा की आखिर वो इन महिलाओं के लिए क्या कर सकती हैं और तभी उन्होनें अपने सोने के बैचने का फैसला किया. इन सोने के कंगनों को बेचने के बाद जो पैसे जमा हुए, उसे उन्होनें पुलवामा में शहीद जवानों के परिवार वालों के लिये प्रधानमंत्री राहत कोष में दान कर किया.
पापा ने गिफ्ट किए थे कंगन
किरण झागवाल ने बताया कि हमारा देश 130 करोड़ आबादी वाला देश है. अगर देश का हर परिवार अपनी तरफ से एक रुपया का भी दान करे, तो उन शहीदों के परिवार वालों के लिए बहुत पैसे जमा हो जाएंगे. उन्होनें बताया कि जो कंगन उन्होंने शहीदों के लिए दान किए, दरअसल वो उनके पिता ने उन्हें तोहफे में दिये थे. उन्होनें अपने स्कूल में 2 मिनट का मौन भी रखा और शहीदों को श्रद्धांजलि दी.
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के वाहन पर हुए आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. इस आतंकी हमले को लेकर दुनिया के कई देशों ने पाकिस्तान की आलोचना की हैं. पुलवामा के इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी.