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UP: जावेद पंप के बाद अब ओवैसी की पार्टी के जिलाध्यक्ष की कोठी पर चलेगा बुलडोजर!

प्रयागराज हिंसा के आरोपी और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के जिलाध्यक्ष शाह आलम के घर पर प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने नोटिस लगाया है. उनसे घर के अवैध निर्माण पर सफाई मांगी गई थी.

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PDA ने जारी किया है नोटिस, चल सकता है बुलडोजर PDA ने जारी किया है नोटिस, चल सकता है बुलडोजर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • PDA ने घर के अवैध निर्माण पर जारी किया है नोटिस
  • नोटिस का जवाब न मिलने पर चल सकता है बुलडोजर

प्रयागराज हिंसा के एक और आरोपी के घर पर बुलडोजर चल सकता है. असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के जिलाध्यक्ष शाह आलम के घर पर प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने नोटिस लगाया है. उनसे घर के अवैध निर्माण पर सफाई मांगी गई थी. कारण बताओ नोटिस में 29 जून तक जवाब देने को कहा गया है.

AIMIM के जिलाध्यक्ष शाह आलम अगर आज अपना जवाब नहीं देते हैं तो पीडीए कोई भी कार्रवाई कर सकता है. पीडीए ने शाह आलम के घर 25 जून को ही कारण बताओ नोटिस चस्पा किया था. शाह आलम का मकान करेली इलाके की गौस नगर कॉलोनी में है. ये मकान शाह आलम के भाई मकसूद अहमद के नाम पर है.

इसमें शाह आलम का परिवार अपने भाई के साथ साझा तौर पर रहता है. गौरतलब है कि 10 जून को जुमे के दिन हुए बवाल के मास्टरमाइंड जावेद पम्प का मकान गिराने के बाद पीडीए ने हिंसा के एक और आरोपी AIMIM के जिलाध्यक्ष शाह आलम के घर पर नोटिस चस्पा कर दिया था. इस नोटिस में मकान के निर्माण को अवैध बताया गया था.

शाह आलम से 29 जून को सुबह 11:00 बजे तक प्राधिकरण में जवाब दाखिल करने और अपना पक्ष रखने को कहा गया था और संतोषजनक जवाब दाखिल ना होने पर मकान के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने का आदेश दिया गया था. शाह आलम पर 10 जून को अटाला इलाके में हुई हिंसा की साजिश रचने का गंभीर आरोप है.

AIMIM के जिला अध्यक्ष शाह आलम के खिलाफ एक नामजद एफआईआर भी दर्ज की गई है और उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी हुआ है. तीन मंजिला आलीशान मकान की कीमत करोड़ों में है. हिंसा के मास्टरमाइंड जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप के ध्वस्त किए गए मकान के ठीक बगल में इसका मकान है.

इससे पहले पीडीए ने हिंसा के मुख्य आरोपी जावेद पंप के आलीशान मकान पर बुलडोजर चला दिया था. इस कार्यवाही पर बहुत बवाल हुआ था, क्योंकि यह मकान जावेद पंप की पत्नी के नाम पर था. फिलहाल यह मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट में चल रहा है.

 

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