कानपुर में प्रसिद्ध संत प्रखर महाराज पर अपनी शिष्या को बंधक बनाकर रेप किए जाने के मामले में गुरूवार को शिष्या ने अदालत में अपना बयान दर्ज कराया.
शिष्या चिदानंद मई ने केस को फर्जी बताते हुए कहा कि मेरे साथ कोई रेप नहीं किया गया और ना ही मुझे बंधक बनाया गया है. मैं अपनी मर्जी से सार्वजानिक जीवन छोड़कर संन्यासी बनी हूं.
शिष्या ने कहा, 'मेरे गुरु प्रखर महाराज को बदनाम करने के लिए ये षडयंत्र आश्रम के ही कुछ पूर्व सदस्यों ने मेरे माता-पिता के साथ मिलकर रचा है. महिला आयोग की सदस्य पूनम कपूर सब सच जानते हुए भी झूठी रिपोर्ट लिखवाई थी.'
शिष्या ने मीडिया से बात करते हुए ये दावा भी किया की पूनम कपूर संवैधानिक संस्था में बैठी हुई हैं इसलिए वो उनकी शिकायत सीएम योगी से करेंगी.
उन्होंने कहा कि इसके लिए हमने सीएम से मिलने का समय मांगा है. चिदानंद मई ने माता-पिता और महिला आयोग की सदस्य पूनम कपूर पर मानहानि का केस करने की बात भी की है.
शिष्या चिदानंद मई ने कहा, महाराज प्रखर जी की छवि बिगाड़ने के लिए ये सब किया गया. शिष्या के साथ मौजूद प्रखर महाराज के वकील धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि शिष्या ने अपने 161 और 164 दोनों बयान दर्ज करा दिए हैं.
वकील ने कहा, झूठी एफआईआर कराने पर हमने माता-पिता और महिला आयोग की सदस्य पूनम कपूर पर पांच करोड़ की मानहानि का केस कर दिया है. ये मानहानि का केस प्रखर महाराज की तरफ से किया गया है.
शिष्या चिदानंद मई की मां ने 4 अप्रैल को कानपुर की रहने वाली यूपी महिला आयोग की सदस्य पूनम कपूर से मिलकर आरोप लगाया था कि बेटी को संत प्रखर महाराज ने बंधक बनाकर हरिद्धार में रखा है और उनके साथ रेप किया है.
ये भी पढ़ें: